यदि किसी व्यक्ति का पैन आधार से लिंक नहीं हुआ, तो उनका पैन 'निष्क्रिय' की केटेगरी में आ गया है। इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार एक निष्क्रिय पैन उसी तरह है जैसे किसी व्यक्ति के पास पैन नहीं है। इसलिए, कोई व्यक्ति पैन की जानकारी दिये बगैर बैंक खाता खोलना, बैंक एफडी में निवेश करना आदि नहीं कर पाएंगे। यदि आपका मौजूदा पैन निष्क्रिय हो गया है, तो आपके मन में बैंकिंग ट्रांजेक्शन को लेकर कई सवाल मन में आ रहे होंगे? उदाहरण के लिए क्या एक निष्क्रिय पैन बैंक खाते में वेतन के क्रेडिट होने को प्रभावित करेगा? क्या इसका डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जारी होने या इस्तेमाल करने पर असर पड़ेगा?
क्या पैन एक्टिव नहीं होने पर सैलरी आने में होगी दिक्कत?
एक्सपर्ट के मुताबिक यदि पैन आधार से जुड़ा नहीं है, तो ऐसे पैन को निष्क्रिय माना जाएगा। यानी, वह व्यक्ति अपने पैन की जानकारी नहीं दे पाएगा। हालांकि, निष्क्रिय पैन के मामले में भी सैलरी बैंक खाते में जमा होगी। सैलरी का पेमेंट और टीडीएस की कटौती नियोक्ता करता है। बैंक ग्राहक के खाते में जमा होने वाली सैलरी को निष्क्रिय पैन नहीं रोक सकता। हालांकि, कुछ का मानना है कि ऐसे बैंक खातों में सैलरी ट्रांसफर होने में समय लग सकता है जिनका पैन आधार से लिंक नहीं है।
नहीं उठा पा रहे होंगे इन सर्विस का फायदा
यदि आपका पैन निष्क्रिय हो गया है, तो आप कुछ सर्विस का फायदा नहीं उठा पाएंगे जहां आपको अनिवार्य रूप से पैन नंबर बताना होता है। कई काम आप अपने पैन को आधार से जोड़ने के बाद ही कर पाएंगे।
पैन को दोबारा कैसे करें चालू?
यदि आपका पैन निष्क्रिय हो गया है, तो कोई भी व्यक्ति अपने पैन को फिर से एक्टिव कर सकता है। कोई भी व्यक्ति 1,000 रुपये की पेनाल्टी देकर पैन को आधार से लिंक कर सकता है। आपका पैन 30 दिनों में एक्टिव हो जाएगा। इसका मतलब है कि आपको पैन को दोबारा चालू कराने के लिए 1,000 रुपये का जुर्माना देना ही होगा।