Personal Loan: भारत में डिजिटल पर्सनल लोन का चलन तेजी से बढ़ा है। खासकर, सैलरी को देखकर मिलने वाला पर्सनल लोन। पारंपरिक लोन के मुकाबले इसमें कम कागजी काम होती है। लोन देने वाली कंपनियां आपकी सैलरी, नौकरी की स्थिरता, क्रेडिट स्कोर, पुराने लोन चुकाने का रिकॉर्ड और बैंकिंग पैटर्न देखकर तय करती हैं कि आपको कितना लोन दिया जा सकता है।
