New Tax Regime: न्यू टैक्स रिजीम में भी बचा सकते हैं टैक्स, जानिए 7 आसान तरीके

New Tax Regime: न्यू टैक्स रिजीम को अक्सर टैक्स बचत के कम विकल्पों वाला माना जाता है, लेकिन सैलरीड कर्मचारियों के लिए कई फायदे अब भी मौजूद हैं। जानिए कौन से 7 प्रावधान आपकी टैक्स देनदारी कम करने में मदद कर सकते हैं।

अपडेटेड Jun 17, 2026 पर 2:53 PM
न्यू टैक्स रिजीम में कई तरह के कंपनी बेनिफिट्स और रीइम्बर्समेंट पर अब भी टैक्स नहीं लगता।

New Tax Regime: कई लोग मानते हैं कि न्यू टैक्स रिजीम में टैक्स बचाने का कोई तरीका नहीं है। लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ITR भरते समय न्यू टैक्स रिजीम में भी कुछ ऐसे फायदे मिलते हैं, जिनकी मदद से आपकी टैक्स देनदारी कम हो सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 7 बड़े फायदे, जो न्यू टैक्स रिजीम में भी उपलब्ध हैं।

1. NPS में कंपनी के कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट

न्यू टैक्स रिजीम में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में कंपनी की ओर से किया गया कॉन्ट्रिब्यूशन सबसे बड़े टैक्स बेनिफिट्स में से एक है। कंपनी आपकी बेसिक सैलरी और DA (Dearness Allowance) के कुल 14% तक NPS में कॉन्ट्रिब्यूशन करती है, तो इस राशि पर टैक्स छूट मिलती है। खास बात यह है कि यह छूट 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन से अलग मिलती है।


उदाहरण के लिए, अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर 12 लाख रुपये है और कंपनी उसमें 14% यानी 1.68 लाख रुपये NPS में जमा करती है, तो पूरी रकम टैक्स छूट के दायरे में आ सकती है। हालांकि, कर्मचारी की ओर से खुद NPS में जमा की गई रकम पर न्यू टैक्स रिजीम में कोई टैक्स छूट नहीं मिलती।

2. EPF में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन भी देता है राहत

न्यू टैक्स रिजीम में कर्मचारी का EPF में अपना कॉन्ट्रिब्यूशन धारा 80C के तहत टैक्स छूट के लिए योग्य नहीं है। लेकिन कंपनी का योगदान तय सीमा तक टैक्स फ्री रहता है। इसके अलावा Recognised Provident Fund (RPF) में कंपनी का कॉन्ट्रिब्यूशन भी न्यू टैक्स रिजीम में छूट के दायरे में आता है।

हालांकि एक शर्त है। अगर किसी वित्त वर्ष में RPF, NPS और Approved Superannuation Fund में कंपनी का कुल कॉन्ट्रिब्यूशन 7.5 लाख रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो अतिरिक्त रकम को टैक्सेबल माना जाएगा। इतना ही नहीं, इस अतिरिक्त कॉन्ट्रिब्यूशन पर मिलने वाला ब्याज, डिविडेंड या दूसरी कमाई भी टैक्स के दायरे में आएगी।

3. 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन

न्यू टैक्स रिजीम में नौकरीपेशा लोगों और पेंशन पाने वालों को 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। इसके लिए आपको कोई बिल जमा करने या खर्च का सबूत देने की जरूरत नहीं होती। यह फायदा अपने आप मिल जाता है और आपकी टैक्सेबल इनकम को कम कर देता है।

4. किराए पर दिए घर के होम लोन ब्याज पर फायदा

अगर आपने कोई मकान किराए पर दे रखा है और उस पर होम लोन चल रहा है, तो लोन के ब्याज पर टैक्स छूट का फायदा न्यू टैक्स रिजीम में भी मिलता है।

हालांकि यह छूट सिर्फ हाउस प्रॉपर्टी से होने वाली आय के खिलाफ ही ली जा सकती है। अगर ब्याज की वजह से लॉस दिखता है, तो उसे सैलरी या किसी दूसरी आय के साथ एडजस्ट नहीं किया जा सकता।

5. कुछ कंपनी बेनिफिट्स और रीइम्बर्समेंट 

न्यू टैक्स रिजीम में कई तरह के कंपनी बेनिफिट्स और रीइम्बर्समेंट पर अब भी टैक्स नहीं लगता।

मोबाइल और इंटरनेट खर्च : अगर कंपनी ऑफिस के काम के लिए आपके मोबाइल, इंटरनेट या ब्रॉडबैंड का खर्च वापस करती है, तो इस पर टैक्स नहीं लगता। इसके लिए आमतौर पर कर्मचारी को असली बिल जमा करने होते हैं। मोबाइल बिल, डेटा प्लान, ब्रॉडबैंड और वाई-फाई खर्च इसमें शामिल हो सकते हैं।

डिवाइस लीजिंग स्कीम : अगर कंपनी किसी लीजिंग स्कीम के तहत कर्मचारियों को मोबाइल फोन उपलब्ध कराती है, तो उस पर भी टैक्स नियम फायदेमंद रहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि डिवाइस कंपनी की मंजूर लीजिंग पॉलिसी के तहत दी गई हो और उसका रिकॉर्ड सही तरीके से रखा गया हो।

हेल्थ और वेलनेस प्रोग्राम : कई कंपनियां कर्मचारियों को हेल्थ क्लब, फिटनेस सुविधाएं, हेल्थ चेकअप, स्पोर्ट्स सुविधाएं और फाइनेंशियल वेलनेस प्रोग्राम उपलब्ध कराती हैं। अगर ये सुविधाएं कर्मचारियों के एक वर्ग को समान रूप से दी जाती हैं और इन्हें नकद में नहीं बदला जा सकता, तो इन पर टैक्स बेनिफिट मिल सकता है।

मील वाउचर और फूड बेनिफिट : टैक्स वर्ष 2026-27 से कंपनी की ओर से दिया गया भोजन, नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक और मील वाउचर प्रति भोजन 200 रुपये तक टैक्स फ्री होंगे।

6. कुछ अलाउंस पर अभी भी मिलती है छूट

न्यू टैक्स रिजीम में ज्यादातर अलाउंस टैक्स के दायरे में आ चुके हैं, लेकिन नौकरी से जुड़े कुछ अलाउंस पर अभी भी छूट मिलती है। इनमें ऑफिस के काम से यात्रा करने पर मिलने वाला अलाउंस, ट्रांसफर के दौरान मिलने वाला अलाउंस, ड्यूटी के दौरान होने वाले खर्च के लिए मिलने वाला अलाउंस और दिव्यांग कर्मचारियों को मिलने वाला ट्रांसपोर्ट अलाउंस शामिल है।

इसके अलावा अगर नौकरी के दौरान यूनिफॉर्म पहनना जरूरी है, तो उसकी खरीद या रखरखाव के लिए मिलने वाला अलाउंस भी तय शर्तों के साथ टैक्स फ्री रहता है।

7. कंपनी से मिलने वाले गिफ्ट पर भी राहत

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी से मिलने वाले गिफ्ट 5,000 रुपये तक टैक्स फ्री हैं। सरकार ने यह सीमा वित्त वर्ष 2026-27 से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने का फैसला किया है। इसके अलावा शादी, विरासत या वसीयत के जरिए रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट आमतौर पर पूरी तरह टैक्स फ्री रहते हैं।

फैमिली पेंशन पाने वालों को भी मिलता है फायदा

अगर किसी कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार के किसी सदस्य को फैमिली पेंशन मिलती है, तो उसे भी न्यू टैक्स रिजीम में एक खास डिडक्शन का फायदा मिलता है। यह डिडक्शन फैमिली पेंशन की कुल राशि के एक-तिहाई हिस्से या 25,000 रुपये सालाना, दोनों में से जो कम हो, उतना मिलेगा।

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