एंप्लॉयी प्रॉविडेंट फंड (EPF)रिटायरमेंट के लिए बचत करने का एक जरिया है। किसी कंपनी में 20 या अधिक एंप्लॉयी होने पर EPF में योगदान देना होता है। इसमें एंप्लॉयी की ओर से बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत जमा होता है और एंप्लॉयर 8.33 प्रतिशत एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम और 3.67 प्रतिशत EPF में जमा करता है।
मासिक ऑपरेटिंग बैलेंस के आधार पर इंटरेस्ट दिया जाता है जिसे फाइनेंशियल ईयर के अंत में फंड में जोड़ा जाता है।
EPF का वर्तमान इंटरेस्ट रेट क्या है?
EPF पर इंटरेस्ट रेट मार्केट की स्थिति पर निर्भर करता है। इस पर वर्तमान इंटरेस्ट रेट 8.5 प्रतिशत है जो पिछले फाइनेंशियल ईयर के समान है।
बेसिक सैलरी और DA = 15,000 रुपये
EPF में एंप्लॉयी का योगदान = 15,000 रुपये का 12% = 1,800 रुपये
EPS में एंप्लॉयर का योगदान = 15,000 रुपये का 8.33% = 1,250 रुपये
EPF में एंप्लॉयर का योगदान = 15,000 रुपये का 3.67% = लगभग 550 रुपये
वर्तमान इंटरेस्ट रेट = 8.5% प्रतिवर्ष
इंटरेस्ट मासिक ऑपरेटिंग बैलेंस पर कैलकुलेट किया जाता है और इस वजह से प्रति माह इंटरेस्ट होगा = 8.5% /12 = 0.7083%
पहले महीने के लिए EPF पर कोई इंटरेस्ट नहीं
दूसरे महीने का योगदान = 2,350 रुपये
कुल EPF बैलेंस = 4,700 रुपये
EPF योगदान पर मई के लिए इंटरेस्ट = 4,700 रुपये * 0.7083% = 33.29 रुपये
इनऑपरेटिव EPF एकाउंट पर इंटरेस्ट रेट
एंप्लॉयी के सर्विस से 55 वर्ष की आयु होने पर रिटायर होने, स्थायी तौर पर विदेश जाने पर EPF इनऑपरेटिव हो जाता है या 36 महीनों के अंदर फंड के विड्रॉल का आवेदन न मिलने पर एकाउंट इनऑपरेटिव हो जाता है। इससे पहले तक एकाउंट पर इंटरेस्ट जमा होता रहता है।