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Provident Fund News: ईपीएस में ज्यादा कंट्रिब्यूशन की मिल सकती है इजाजत, जानिए आपको क्या होगा फायदा

अभी ईपीएस के करीब 60 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। सरकार अगले कुछ सालों में यह संख्या बढ़ाकर 1 करोड़ करना चाहती है। सरकार स्वरोजगार (Self Employed) में लगे लोगों को भी ईपीएफओ के तहत लाना चाहती है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 12, 2022 पर 5:05 PM
Provident Fund News: ईपीएस में ज्यादा कंट्रिब्यूशन की मिल सकती है इजाजत, जानिए आपको क्या होगा फायदा
अगर ईपीएस में ज्यादा कट्रिब्यूशन के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो प्राइवेट सेक्टक में काम करने वाला एंप्लॉयी ईपीएस में हर महीने ज्यादा कंट्रिब्यूट कर सकता है। इससे रिटायरमेंट के बाद उसे मिलने वाली पेंशन बढ़ जाएगी।

सरकार Employees' Pension Scheme,1995 में बड़ा बदलाव करने जा रही है। वह एंप्लॉयीज को पेंशन अकाउंट में ज्यादा कंट्रिब्य्यूश करने की इजाजत दे सकती है। अभी, एंप्लॉयीज को यह सुविधा हासिल नहीं है।

सरकार दरअसल EPS-95 को नेशनल पेंशन स्कीम की तरह बनाना चाहती है। इससे रिटायरमेंट के बाद एंप्लॉयीज को मिलने वाली पेंशन बढ़ जाएगी। लेबर मिनिस्ट्री EPS को सभी लोगों के लिए ओपन करने के पक्ष में है। वह मिनिमम पेंशन को भी बढ़ाकर प्रति माह 3000 रुपये करना चाहती है।

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अभी EPFO के सभी सब्सक्राइबर ईपीएस के तहत आते हैं। EPFO प्राइवेट कंपनियों के एंपलॉयीज के पेंशन फंड को मैनेज करता है। अभी ईपीएफ में एंप्लॉयीज की सैलरी का निश्चित हिस्सा हर महीने डिपॉजिट होता है। इसी अमाउंट से एक छोटा हिस्सा ईपीएस में भी जाता है। अभी हर माह 15,000 रुपये से ज्यादा सैलरी वाले लोग ईपीएफओ के दायरे में आते हैं।

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