रिलैक्सो फुटवियर्स (Relaxo Footwears) के शेयर में आज कमजोरी देखने को मिली और ये बीएसई पर 10 प्रतिशत फिसलकर 928 रुपये पर आ गया। मार्च तिमाही (Q4FY22) में कंपनी के कमजोर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस की रिपोर्ट के बाद आज इसमें गिरावट नजर आई। रिलैक्सो का शेयर आज यानी एक्सपायरी के दिन गुरुवार को इंट्रा-डे ट्रेड में बीएसई पर गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया। कच्चे माल की कीमतों में भारी वृद्धि और इन्वेंट्री पर जीएसटी दर के अंतर के कारण कंपनी का EBITDA मार्जिन से 21.8 प्रतिशत से 596 बेसिस प्वाइंट्स (बीपीएस) घटकर 15.9 प्रतिशत हो गई।
आज सुबह 09:59 बजे एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स में 1.7 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में स्टॉक 6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 965.55 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इससे पहले यह 4 नवंबर, 2021 को 52-सप्ताह के उच्च स्तर 1,447 रुपये पर पहुंच गया था।
इसके अलावा ऑपरेशंस के बढ़े हुए खर्च और कमजोर बिक्री के कारण कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 38 प्रतिशत घटकर 63 करोड़ रुपये हो गया। जबकि पिछले साल की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 102 करोड़ रुपये रहा था। इस बीच वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में ऑपरेशंस से आय 7 प्रतिशत घटकर 698 करोड़ रुपये रही। जबकि एक साल पहले की चौथी तिमाही में कंपनी की ऑपेरेशंस से आय 748 करोड़ रुपये रही थी।
मैनेजमेंट ने कहा "तिमाही के दौरान COVID के Omicron वैरियेंट की दिक्कतों, 1,000 रुपये से कम कीमत के फुटवियर पर GST दर में 5 प्रतिशत से 12 प्रतिशत की वृद्धि 1 जनवरी 2022 से लागू होने और महंगाई की वजह से कमजोर मांग के कारण के आय पर असर पड़ा और मार्जिन भी प्रभावित हुई।
मैनेजमेंट ने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2021 की महामारी वाला साल था लेकिन वित्त वर्ष 2022 में कच्चे माल की कीमतों में पर्याप्त वृद्धि और बिक्री, मार्केटिंग सामान्य होने में समय लगने और एडमिन एक्सपेंसेस की वजह से मार्जिन पर असर हुआ।
बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी खबर के मुताबिक मैनेजमेंट का कहना है कि निरंतर असाधारण महंगाई से तत्काल राहत नहीं मिलने के चलते कंपनी सभी कैटेगरी में मजबूत रिकवरी के प्रति आशावादी बना हुआ है। विशेष रूप से कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों के फिर से खुलने के बाद हाई वैल्यू फुटवियर की कैटेगरी में अच्छी रिकवरी दिखने की उम्मीद है।
वहीं ICICI Securities ने नतीजों का आकलन करते हुए कहा कि क्रूड की कीमतों में वृद्धि और डिमांड में कमजोरी के चलते कंपनी के लिए आगे भी प्रतिकूल परिस्थितियां बनी रह सकती हैं।
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