National Payment Scheme (NPS) निवेश के लिए एक अच्छा प्रोडक्ट है। लेकिन, पिछले कुछ समय से इसे लेकर राजनीति हो रही है। कुछ राज्य सरकारों ने फिर से ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) अपने कर्मचारियों के लिए शुरू करने के ऐलान किए हैं। एनपीएस की अच्छी बात यह है कि इसने शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया है। इसका सब्सक्राइबर्स बेस भी बढ़ा है। इसके बावजूद इस स्कीम के लिए अभी काफी ज्यादा संभावनाएं हैं। मनीकंट्रोल की प्रीति कुलकर्णी ने इस बारे में PFRDA के चेयरमैन दीपक मोहंती (Deepak Mohanty) से बातचीत की। PFRDA न्यू पेंशन स्कीम का रेगुलेटर है। मोहंती ने फ्यूचर प्लान सहित एनपीएस की लोकप्रियता बढ़ाने सहित कई मसलों के बारे में खुलकर बातचीत की।
NPS की पहुंच बढ़ाने की हो रही कोशिश
मोहंती ने कहा कि एनपीएस की पहुंच बढ़ाने की कोशिश हो रही है। डिजिटल सुविधाओं के इस्तेमाल से इसमें निवेश के प्रोसेस को आसान बनाने की कोशिश हो रही है। पेंशन साक्षरता बढ़ाना पीएफआरडीए के एंजेडा में है। उन्होंने बताया कि पिछले फाइनेंशियल ईयर यानी 2022-23 में प्राइवेट सेक्टर में हमने 10 लाख नए सब्सक्राइबर्स के अहम लेवल को पार कर लिया। सरकारी एंप्लॉयी तो अपने आप एनपीएस के दायरे में आते हैं। इसलिए हमारा फोकस प्राइवेट सेक्टर पर है। इसके दो हिस्से हैं-कॉर्पोरेट एनटिटीज इंडिविजुअल। इस साल हमने 13 लाख टारगेट रखा है। जहां तक अंटल पेंशन योजना की बात है तो अभी इसका सब्सक्राइबर बेस 5.25 करोड़ है। इस साल हम इसमें 1.3 करोड़ वृद्धि करना चाहते हैं।
बहुत कम महिलाएं एनपीएस की सब्सक्राइबर्स
उन्होंने कहा कि हमारे लिए सब्सक्राइबर्स बेस बढ़ाने की बहुत संभावना है। हम रीजनल रूरल बैंक्स (RRB) के जरिए इसकी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। अभी तक करीब 13,000 कंपनियों को हमने जोड़ा है। लेकिन एंप्लॉयीज के बीच एनपीएस को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं है। अब भी बहुत कम महिलाएं इसकी सब्सक्राइबर्स हैं। बच्चों के लिए इसे क्यों नहीं शुरू किया जा सकता? कम उम्र में ही सेविंग्स की आदत डालने के साथ ही उन्हें कंपाउंडिंग के पावर के बारे में भी बताना होगा। अगर सेल्फ-एंप्लॉयड एंप्लॉयीज की बात की जाए तो उनकी इनकम अच्छी है, लेकिन एनपीएस को लेकर उनमें ज्यादा उत्साह नहीं है।
प्राइवेट कंपनियों को जोड़ने से होगा फायदा
इसकी पहुंच बढ़ाने की कोशिशों के बारे में उन्होंने कहा कि हमारी प्लानिंग कंपनियों के HR टीम से बातचीत करने की है। अभी एंप्लॉयीज के लिए डिफॉल्ट ऑप्शन प्रोविडेंट फंड है। यह व्यवस्था काफी लंबे समय से है। लेकिन, आज के युवा एक नौकरी में बने रहना नहीं चाहते हैं। कई बार तो वे नौकरी छोड़ अपना काम शुरू कर देते हैं। ऐसे में एनपीएस काफी मददगार साबित हो सकती है। इसका एक यूनिक नंबर है जिसे PRAN कहा जाता है। यह पोर्टेबल है। इसके किसी नौकरी और स्थान में पोर्ट कराया जा सकता है। इसलिए हमें एनपीएस के बारे में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
मिनिमम अश्योर्ड स्कीम शुरू करने का प्लान
मिनिमम अश्योर्ड रिटर्न स्कीम के बारे में पूछने पर मोहंती ने कहा कि पिछले कुछ समय से इस पर काम चल रहा है। यह हमारे एजेंडा में शामिल है। हमारा कानून भी कहता है कि हमें इस तरह की गारंटी देनी चाहिए। लेकिन, गारंटी देने की स्थिति में इसकी कॉस्ट बढ़ जाएगी। इसके लिए एडिशनल कैपिटल और सॉल्वेंसी की जरूरत पड़ेगी। इसका अलावा हमें गारंटी की कॉस्ट का भी ध्यान रखना होगा। इसलिए रिस्क, कॉस्ट और रिटर्न के बीच हमें बैलेंस बनाना होगा। हम इस पर काम कर रहे हैं, जिसके नतीजे जल्द सामने आने की उम्मीद है।