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Personal Loan: पर्सनल लोन लेने की है तैयारी? कम ब्याज के चक्कर में कहीं आप भी न खा जाएं धोखा, जान लें ये 7 'छिपे हुए' खर्चे

Personal Loan: पर्सनल लोन लेते समय अक्सर लोग केवल ब्याज दर पर ध्यान देते हैं, लेकिन प्रोसेसिंग फीस और वेरिफिकेशन चार्ज जैसे छिपे हुए शुल्क आपके खर्च को काफी बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा, समय पर भुगतान न करने पर लगने वाली लेट पेनल्टी और [EMI बाउंस चार्ज से बचने के लिए लोन की शर्तों को ध्यान से पढ़ना बेहद जरूरी है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Mar 28, 2026 पर 3:37 PM
Personal Loan: पर्सनल लोन लेने की है तैयारी? कम ब्याज के चक्कर में कहीं आप भी न खा जाएं धोखा, जान लें ये 7 'छिपे हुए' खर्चे

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब अचानक पैसों की जरूरत पड़ती है, तो पर्सनल लोन सबसे आसान और तेज विकल्प नजर आता है। चाहे घर की मरम्मत हो, मेडिकल इमरजेंसी या बच्चों की पढ़ाई, बैंक पलक झपकते ही लोन देने का वादा करते हैं। विज्ञापन में चमकती 'कम ब्याज दरें' हमें आकर्षित तो करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लोन की असल कीमत सिर्फ ब्याज नहीं होती?

अक्सर लोन लेते समय हम बैंक की शर्तों और बारीक लिखावट (Fine Print) को नजरअंदाज कर देते हैं। बाद में जब EMI कटती है या लोन बंद करने की बारी आती है, तब पता चलता है कि हम जेब से काफी ज्यादा पैसा दे चुके हैं। आइए विस्तार से समझते हैं उन 7 छिपे हुए शुल्कों को, जो आपके लोन को महंगा बना सकते हैं।

1. प्रोसेसिंग फीस: पहली ही चोट

जैसे ही आप लोन के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं, बैंक प्रोसेसिंग फीस के नाम पर अपना हिस्सा काट लेता है। यह शुल्क लोन राशि का 1% से 5% तक हो सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह पैसा आपके हाथ में आने वाले लोन अमाउंट से पहले ही कम हो जाता है।

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