1 अक्टूबर से नहीं करना पड़ेगा 12 घंटे काम, न ही घटेगी सैलेरी- जानें क्यों मोदी सरकार को हो रही है देरी

1 अक्टूबर से नए श्रम कानूनों (labour code law) को लागू करना मुश्किल नजर आ रहा है

अपडेटेड Sep 20, 2021 पर 6:51 PM

New Labour Code: 1 अक्टूबर से नए श्रम कानूनों (labour code law) को लागू करना मुश्किल नजर आ रहा है। केंद्र की मोदी सरकार जल्द से जल्द श्रम कानूनों को लागू करना चाहती है लेकिन यह चालू वित्त वर्ष यानी 2021-22 में लागू होने की उम्मीद कम है। अगर मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राज्यों द्वारा नियमों का मसौदा बनाने में देरी के चलते चार श्रम संहिताओं का चालू वित्त वर्ष 2021-22 में शुरू मुश्किल नजर आ रहा है। सूत्र ने कहा कि श्रम संहिताओं को लागू करने में देरी की एक और बड़ी वजह राजनीतिक कारण यानी उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भी है।

श्रम कानून लागू होने से आएंगे ये बदलाव

हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा

श्रम कानून लागू होने से कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वेतन घट जाएगा और कंपनियों को ऊंचे पीएफ दायित्व का बोझ उठाना पड़ेगा। नए ड्राफ्ट रूल के अनुसार, मूल वेतन कुल वेतन का 50% या अधिक होना चाहिए। इससे ज्यादातर कर्मचारियों की वेतन का स्ट्रक्चर में बदलाव आएगा। बेसिक सैलरी बढ़ने से PF और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला पैसा बढ़ जाएगा क्योंकि इसमें जानें वाला पैसा बेसिक सैलरी के अनुपात में होता है। अगर ऐसा होता है जो आपके घर आने वाली सैलरी घट जाएगी रिटायरमेंट पर मिलने वाला PF और ग्रेच्युटी का पैसा बढ़ जाएगा।

 Delhi-Mumbai Express-Way: दिल्ली से मुंबई अब सिर्फ 12 घंटे में सफर होगा पूरा, जानिए कब होगा तैयार

12 घंटे की नौकरी का प्रस्ताव


नए ड्राफ्ट कानून में कामकाज के अधिकतम घंटों को बढ़ाकर 12 करने का प्रस्ताव है। हालांकि, होगा।लेबर यूनियन 12 घंटे नौकरी करने का विरोध कर रही हैं। कोड के ड्राफ्ट नियमों में 15 से 30 मिनट के बीच के अतिरिक्त कामकाज को भी 30 मिनट गिनकर ओवरटाइम में शामिल करने का प्रावधान है। मौजूदा नियम में 30 मिनट से कम समय को ओवरटाइम योग्य नहीं माना जाता है। ड्राफ्ट नियमों में किसी भी कर्मचारी से 5 घंटे से ज्यादा लगातार काम कराने की मनाही है। कर्मचारियों को हर पांच घंटे के बाद आधा घंटे का रेस्ट देना होगा।

संसद में हो चुका है पारित

संसद द्वारा इन चार संहिताओं को पारित किया जा चुका है, लेकिन केंद्र के अलावा राज्य सरकारों को भी इन संहिताओं, नियमों को अधिसूचित करना जरूरी है। उसके बाद ही ये नियम राज्यों में लागू हो पाएंगे। ये नियम 1 अप्रैल 2021 से लागू होने थे लेकिन राज्यों की तैयारी पूरी नहीं होने के कारण इन्हें टाल दिया गया।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।