PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में कितनी मिलती है सब्सिडी? इन 6 स्टेप में अपने छत पर लगवाएं सोलर पैनल, बिजली बिल का झंझट होगा खत्म

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: अगर आपके पास ₹1 लाख रुपये का बजट नहीं है, तो भी आप इस योजना से जुड़ सकते हैं। सरकार ने बैंकों के साथ मिलकर कोलैटरल-फ्री लोन की सुविधा दी है। इसकी ब्याज दर बहुत कम रखी गई है। अगर आप यूपी के रहने वाले हैं, तो केंद्र की ₹78000 की मदद के ऊपर राज्य सरकार ₹30000 की एक्स्ट्रा 'स्टेट सब्सिडी' भी मिलेगी। जानिए किलोवाट के हिसाब से पूरा गणित

अपडेटेड May 24, 2026 पर 11:49 AM
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घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार की तरफ से मोटी रकम बतौर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे हर महीने 300 यूनिट तक की बिजली का खर्च शून्य हो सकता है

PM Surya Ghar Scheme: तपती गर्मी और भंयकर लू के बीच भारी बिजली कटौती से अगर आप भी तंग हो चुके हैं तो आपके लिए एक बढ़िया स्कीम है। केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस सरकारी स्कीम का मकसद आम लोगों को महंगे बिजली बिल से राहत देना और उन्हें खुद की बिजली बनाने का मौका देना है।

इस योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए सरकार की तरफ से मोटी रकम बतौर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे हर महीने 300 यूनिट तक की बिजली का खर्च शून्य हो सकता है। इससे एक तरफ तो आप बार-बार हो रही कटौती से बचेंगे ही वहीं दूसरी तरफ हर महीने आने वाले भारी-बरकम बिजली बिल से भी राहत मिलेगी।

आइए समझते हैं कि आपके घर के लोड के हिसाब से सरकार आपको कितने रुपये की मदद देगी और इस सेटअप को लगाने में आपका कितना पैसा खर्च होगा।


किलोवाट के हिसाब से समझें सब्सिडी का गणित

बाजार में सीधे वेंडर से सोलर पैनल लगवाने पर प्रति किलोवाट करीब ₹60000 से ₹80000 तक का खर्च बैठता है। लेकिन इस योजना के तहत रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार इस बोझ को काफी कम कर देती है:

1 kW का सेटअप: छोटे घरों या कम खपत वाले परिवारों के लिए यह बेस्ट है, जिस पर सरकार ₹30000 की फिक्स सब्सिडी देती है।

2 kW का सेटअप: मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, जहां सरकार सीधे ₹60000 की मदद करती है।

3 kW या उससे बड़ा सेटअप: अगर आपका घर बड़ा है या एसी-गीजर जैसी चीजें ज्यादा चलती हैं, तो आपको अधिकतम ₹78000 की सब्सिडी मिलेगी।

यहां ये बात ध्यान रखें कि 3 किलोवाट से बड़ा प्लांट जैसे- 5 kW लगाने पर भी सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹78000 ही रहेगी।

उत्तर प्रदेश के निवासियों को 'बोनस'

अगर आप यूपी के रहने वाले हैं, तो केंद्र की ₹78000 की मदद के ऊपर राज्य सरकार ₹30000 की एक्स्ट्रा 'स्टेट सब्सिडी' भी दे रही है। यानी यूपी के उपभोक्ताओं को कुल ₹108000 की सीधी बचत होगी।

4 साल में पैसा वसूल, अगले 20 साल तक सब फ्री!

3 kW के एक स्टैंडर्ड सोलर सिस्टम के खर्च और उससे होने वाली कमाई का गणित ये है:

  • कुल अनुमानित खर्च: ₹180000
  • केंद्र सरकार की सब्सिडी: ₹78000
  • आपकी जेब से लगा नेट निवेश: ₹108000

हर महीने होगी इतनी बचत

एक 3 kW का सोलर प्लांट रोजाना धूप से बिजली बनाकर महीने में करीब 250 से 300 यूनिट जेनरेट कर लेता है। अगर आपके इलाके में बिजली की दर ₹8 प्रति यूनिट है, तो आप हर महीने करीब ₹2200 और सालभर में लगभग ₹26400 की बचत करेंगे।

इस हिसाब से 4 साल और 1 महीने के भीतर आपकी जेब से लगा पूरा पैसा ₹108000 वापस आपकी जेब में आ जाएगा। यूपी के लोगों के लिए तो यह रिकवरी महज 3 साल में हो जाएगी। चूंकि इन सोलर पैनल्स की लाइफ 25 वर्षों की होती है, इसलिए लागत निकलने के बाद अगले 20 साल तक आप पूरी तरह मुफ्त बिजली का आनंद लेंगे।

छत पर सोलर पैनल लगवाने का ये है स्टेप बाय स्टेप पूरा प्रोसेस

इस योजना का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जिनके पास अपनी खुद की पक्की छत है और उनके नाम पर एक चालू बिजली कनेक्शन है। आप इन 6 चरणों में घर बैठे अप्लाई कर सकते हैं:

 1. पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट www.pmsuryaghar.gov.in पर विजिट करें। यहां अपने राज्य, बिजली कंपनी (DISCOM) का नाम और कंज्यूमर नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें।

2. फॉर्म सबमिट करें: अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से लॉगिन करें और 'रूटटॉप सोलर' के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें।

3. प्लांट इंस्टॉल कराएं: आपकी बिजली कंपनी से मंजूरी मिलते ही, पोर्टल पर मौजूद अप्रूव्ड वेंडर्स की लिस्ट में से किसी एक को चुनकर अपने घर पर पैनल लगवा लें।

4. नेट मीटरिंग की अर्जी: इंस्टॉलेशन पूरा होने के बाद वेंडर से मिली डिटेल्स और प्लांट की तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करें और 'नेट मीटर' के लिए अप्लाई करें।

5. फिजिकल वेरिफिकेशन: डिस्कॉम के अधिकारी आपके प्लांट का फिजिकल वेरिफिकेशन करेंगे। सेटअप सही पाए जाने पर नेट मीटर लगा दिया जाएगा और पोर्टल पर 'कमीशनिंग सर्टिफिकेट' जारी होगा।

6. खाते में आएगी रकम: अंत में पोर्टल पर अपनी बैंक पासबुक या कैंसिल्ड चेक अपलोड करें। इस आखिरी स्टेप के 30 दिनों के भीतर सब्सिडी की पूरी राशि सीधे आपके बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगी।

बजट नहीं है? तो सरकार दिलाएगी बिना गारंटी के सस्ता लोन

अगर आपके पास शुरुआत में लगाने के लिए ₹1 लाख रुपये का बजट नहीं है, तो भी आप इस योजना से जुड़ सकते हैं। सरकार ने बैंकों के साथ मिलकर कोलैटरल-फ्री लोन की सुविधा दी है। इसकी ब्याज दर बहुत कम लगभग 7% रखी गई है, जो आरबीआई के रेपो रेट से महज 0.5% ज्यादा है। इसके चलते आपकी मंथली EMI बहुत छोटी बनती है, जिसे आप हर महीने बिजली बिल में होने वाली बचत से आसानी से चुका सकते हैं।

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