PMC Bank Case: घोटाले का शिकार बैंक PMC Bank के ग्राहकों को बैंक के फाइनल रेज्योलूशन से ऐतराज है। RBI ने मंगलवार 25 जनवरी को PMC Bank को यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ विलय करने का फैसला सुनाया है। इस फैसले से नाराज PMC Bank के ग्राहकों ने कोर्ट जाने का फैसला किया है।
PMC Bank के डिपॉजिटर्स ने सहकार भारती की अगुवाई में इस स्कीम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया है। सहकार भारती RBI के बोर्ड मेंबर सतीश मराठे की कोऑपरेटिव सोसाइटी है।
बुधवार को जारी एक प्रेस रिलीज में सहकार भारती ने दलील दी है कि यह विलय एकतरफा और डिपॉजिटर्स के हक के खिलाफ है। कोऑपरेटिव सोसाइटी ने यह भी दलील दी है कि RBI और सरकार को इस योजना की समीक्षा करनी चाहिए।
PMC Bank के रेज्योलूशन प्लान के तहत बैंक के सभी डिपॉजिटर्स को अगले 10 साल में अपनी रकम वापस मिलेगी। 31 मार्च 2021 के बाद अगले पांच साल तक इन डिपॉजिटर्स को कोई ब्याज नहीं मिलेगा। इसके बाद जिन डिपॉजिटर्स का पैसा पूरी तरह नहीं चुकाया जा सकेगा उन्हें 2.75% का ब्याज मिलेगा।