Post Office Saving Scheme: देश में सेफ निवेश के ऑप्शन में बैंक और पोस्ट ऑफिस एफडी, PPF, नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम आदि शामिल है। स्मॉल सेविंग स्कीम नागरिकों को नियमित रूप से सेविंग करने के लिए प्रेरित करता है। इन पर एक तय ब्याज मिलता है जिसे सरकार तय करती है। सरकार हर तीन महीने में इनका ब्याज तय करती है। वहीं बैंक अपनी FD पर मिलने वाले ब्याज को स्वयं तय करते हैं।
बैंकों की FD पर मिलने वाला ब्याज
बड़े बैंकों में एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) एफडी पर अधिकतम 7.75 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है। एसबीआई (SBI) एफडी पर सालाना 7.50 फीसदी तक का ब्याज दे रहा है। सरकार छोटी बचत योजनाओं पर 4 फीसदी से लेकर 8.2 फीसदी का ब्याज दे रहा है। सरकार इस महीने के अंत में अक्टूबर-दिसंबर 2023 के लिए ऐसी योजनाओं पर ब्याज दरों में रिवीजन करेगी। ऐसा माना जा रहा है कि इनमें बदलाव की गुंजाइश कम है।
स्मॉल सेविंग स्कीम पर इंटरेस्ट
सेविंग अकाउंट - 4 प्रतिशत
1 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी - 6.9 प्रतिशत
2 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी - 7.0 प्रतिशत
3 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी - 7 प्रतिशत
5 साल की पोस्ट ऑफिस एफडी: 7.5 प्रतिशत
5 साल की RD: 6.70 प्रतिशत
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC): 7.7 प्रतिशत
किसान विकास पत्र: 7.5 प्रतिशत (115 महीने में मैच्योर होगा)
पब्लिक प्रॉविडेंट फंड: 7.1 प्रतिशत
सुकन्या समृद्धि खाता (Sukanya Samridhi Yojna) : 8.0 प्रतिशत
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Saving Scheme) : 8.2 प्रतिशत
मंथली इनकम स्कीम : 7.4 प्रतिशत
स्मॉल सेविंग स्कीम तीन तरह की होती हैं। सेविंग स्कीम, सामाजिक सुरक्षा योजनाएं और मंथली इनकम स्कीम। सेविंग स्कीम में 1 से 3 साल की जमा योजना, 5 साल की आरडी शामिल है। राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) और किसान विकास पत्र (KVP) जैसे बचत प्रमाणपत्र भी शामिल हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम शामिल है।