मल्टीबैगर शेयर की क्या है पहचान? एक्सपर्ट्स से जानें बाजार में मोटी कमाई का फंडा
मल्टीबैगर स्टॉक पहचानने के बारे में Piper Serica के फाउंडर अभय अग्रवाल ने कहा कि इसकी पहचान शुरुआत में करना जरूरी है। छोटी कंपनी में तेज ग्रोथ की संभावना होती है। लेकिन बड़ी कंपनियां आसानी से मल्टीबैगर नहीं बन सकती हैं। कंपनी के बिजनेस में तेज ग्रोथ जरूरी होती है। कंपनी का मैनेजमेंट मजबूत और मैच्योर होना चाहिए
बाजार में मोटी कमाई का फंडा क्या है। मल्टीबैगर शेयर की क्या पहचान होती है। मल्टीबैगर चुनने की सही टाइमिंग क्या है। मल्टीबैगर शेयर की क्या निशानी क्या है और मल्टीबैगर का है किस्मत कनेक्शन क्या होता है। निफ्टी पर ध्यान, मल्टीबैगर से क्यों अनजान हैं। कॉमन सेंस से मिलेगा मल्टीबैगर शेयर या लॉन्ग टर्म का फंडा है मल्टीबैगर? इस पर चर्चा करने के लिए हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ Piper Serica के फाउंडर अभय अग्रवाल, Complete Circle के मैनेजिंग पार्टनर गुरमीत चड्ढा, Rockstud Capital के मैनेजिंग पार्टनर अभिषेक अग्रवाल और JM Financial के फंड मैनेजर आशीष चतुरमोहता जुड़े। जानते हैं उन्होंने क्या कहा-
कैसे पहचानें मल्टीबैगर- Piper Serica के फाउंडर अभय अग्रवाल की राय
Piper Serica के फाउंडर अभय अग्रवाल ने कहा कि मल्टीबैगर की शुरुआत में पहचान करना जरूरी होता है। छोटी कंपनी में तेज ग्रोथ की संभावना होती है। जबकि बड़ी कंपनियां आसानी से मल्टीबैगर नहीं बन सकती हैं। कंपनी के बिजनेस में तेज ग्रोथ जरूरी होती है। ज्यादातर नए इनोवेटिव प्रोडक्ट से ग्रोथ होती है। फर्स्ट मूवर एडवांटेज का फायदा जरूर होता है।
अग्रवाल ने आगे कहा कंपनी का मैनेजमेंट मजबूत और मैच्योर होना चाहिए। मैनेजमेंट कॉम्पिटीटिव होना चाहिए। मार्केट शेयर बढ़ाने के बारे में सोचे। कंपनी की ग्रोथ के साथ मार्जिन भी बढ़े तो अच्छा रहता है। कंपनी के कैपिटल का सही इस्तेमाल जरूरी होता है। ब्रांड बनाने की क्षमता, कस्टमर लॉयल्टी, बेहतर कैश फ्लो भी जरूरी है।
कैसे पहचानें मल्टीबैगर- Rockstud Capital के मैनेजिंग पार्टनर अभिषेक अग्रवाल की राय
अभिषेक अग्रवाल ने मल्टीबैगर पहचानने के गुर बताते हुए कहा कि इसके लिए कंपनी मजबूत फंडामेंटल वाली होनी चाहिए। इसके शेयर का वैल्यूएशन आकर्षक होना चाहिए। लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए सेक्टर चुनना चाहिए। कंपनी का मैनेजमेंट मजबूत और विजन जोरदार होना चाहिए। मल्टीबैगर स्टॉक वाली कंपनियों का आइडिया लीक से हटकर होना चाहिए। सरकारी पॉलिसी कंपनी के कारोबार के पक्ष में होनी चाहिए।
कैसे पहचानें मल्टीबैगर- JM Financial के फंड मैनेजर आशीष चतुरमोहता की राय
आशीष चतुरमोहता ने कहा कि मल्टीबैग स्टॉक पहचानने के लिए शेयर का वैल्युएशन सबसे महत्वपूर्ण होता है। कंपनी का मार्केट शेयर बढ़ना चाहिए। इंडस्ट्री में ग्रोथ की संभावना तो जरूर ही होनी चाहिए। कंपनी के रेवेन्यू से ज्यादा मुनाफे में बढ़ोतरी होनी चाहिए। इंडस्ट्री से ज्यादा कंपनी की ग्रोथ होनी चाहिए। उस सेक्टर की री-रेटिंग होनी चाहिए। इसके साथ ही शेयर के P/E का विस्तार होना चाहिए।
कैसे पहचानें मल्टीबैगर- Complete Circle के मैनेजिंग पार्टनर गुरमीत चड्ढा की राय
गुरमीत चड्ढा ने कहा कि मल्टीबैगर चुनने के लिए ऐसा स्टॉक चुनना चाहिए जिसके सेक्टर में बढ़त का फायदा मिलता हो। कंपनी की कमाई में लगातार बढ़ोतरी होनी चाहिए। ये इनोवेशन के जरिए वर्चस्व हासिल करने वाली कंपनी होनी चाहिए। तार्किक कैपिटल एलोकेशन दिखाई देना चाहिए। कंपनी के फ्री कैश फ्लो में लगातार बढ़ोतरी होनी चाहिए।
2003 में इसका भाव 2.81 रुपये था जो 2023 में बढ़कर 1,294 रुपये पहुंच गया।
SRF
2003 में इसका भाव 9.50 रुपये था जो 2023 में बढ़कर 2,363 रुपये पहुंच गया।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)