PPF Account: 18 की उम्र में ₹55 लाख और 60 में ₹6.75 करोड़! ये सरकारी स्कीम जानते हैं आप?
PPF Account Calculation: अपने बच्चे के बेहतर भविष्य और पढ़ाई के लिए फंड बनाना चाहते हैं? अगर पीपीएफ की 7.1% ब्याज दर पर अगर आप हर साल ₹1.5 लाख जमा करते हैं, तो बच्चा जब 18 साल का बालिग होगा तो उसके खाते में ₹55.14 लाख से ज्यादा का गारंटीड फंड होगा। जानिए ₹50 हजार, ₹1 लाख और ₹1.5 लाख के सालाना निवेश पर 18 और 60 साल की उम्र पर कितना रिटर्न मिलेगा
जानें हर साल ₹50,000, ₹1 लाख और ₹1.5 लाख का निवेश करने पर कितना फंड बनेगा
PPF Investment for Child: बच्चों के बेहतर भविष्य, उच्च शिक्षा या करियर की नींव रखने के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) माता-पिता के लिए एक सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद जरिया है। सरकार की गारंटी, तय ब्याज और 100% टैक्स-फ्री रिटर्न के कारण पीपीएफ एक ऐसा विकल्प है जहां बिना किसी रिस्क के लॉन्ग-टर्म में करोड़ों रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है।
अगर आप अपने बच्चे के जन्म या उसके बचपन में ही उसके नाम पर पीपीएफ खाता खुलवाते हैं, तो 18 वर्ष का होते-होते उसके पास एक बड़ी रकम जमा हो जाएगी।
आइए आसान गणित से समझते हैं कि हर साल ₹50,000, ₹1 लाख और ₹1.5 लाख का निवेश करने पर 18 साल में आपके बच्चे को कितना फंड मिलेगा और 60 साल की उम्र तक यही पीएफ कैसे ₹6.75 करोड़ का रिटायरमेंट कॉर्पस बन सकता है।
बच्चे के नाम पीपीएफ खाता: क्या हैं मुख्य नियम?
उम्र की कोई सीमा नहीं: नवजात शिशु से लेकर किसी भी उम्र के बच्चे के नाम उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर पीपीएफ खाता खुलवा सकते हैं।
18 साल की उम्र पर ट्रांसफर: जब बच्चा 18 साल का (बालिग) हो जाएगा, तब खाता उसके नाम पर 'मेजर अकाउंट' के रूप में ट्रांसफर हो जाएगा।
15 साल की लॉक-इन अवधि: पीपीएफ खाता 15 साल में मैच्योर होता है, जिसके बाद इसे 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ाया जा सकता है।
कैलकुलेशन 1: हर साल ₹1.5 लाख का अधिकतम निवेश
अगर आप 7.1% की मौजूदा ब्याज दर के हिसाब से हर साल अधिकतम 1.5 लाख रुपये (या हर महीने ₹12,500) बच्चे के पीपीएफ खाते में जमा करते हैं:
18 साल में कुल निवेश: ₹27,00,000 (27 लाख रुपये)
18 साल में मिला ब्याज: ₹28,14,000 (28.14 लाख रुपये)
18 साल पर कुल मैच्योरिटी फंड: ₹55.14 लाख से ज्यादा
रिटायरमेंट फंड का मैजिक (60 साल की उम्र पर): अगर आपका बच्चा बालिग होने के बाद इसी खाते को आगे 42 साल यानी कुल 50 साल की अवधि के लिए ₹1.5 लाख सालाना के निवेश के साथ जारी रखता है, तो 60 साल की उम्र में उसके पास ₹6.75 करोड़ से अधिक का रिटायरमेंट फंड जमा हो चुका होगा। खास बात ये है कि इसमें ₹6 करोड़ केवल ब्याज होगा।
कैलकुलेशन 2: हर साल ₹1 लाख का निवेश
अगर आप हर साल ₹1,00,000 (या हर महीने लगभग ₹8,340) जमा करते हैं:
18 साल में कुल निवेश: ₹18,00,000 (18 लाख रुपये)
18 साल में मिला ब्याज: ₹18,76,000 (18.76 लाख रुपये)
18 साल पर कुल मैच्योरिटी फंड: ₹36.76 लाख से ज्यादा
60 साल की उम्र पर कॉर्पस: 50 साल तक इस निवेश को जारी रखने पर कुल जमा रकम ₹50 लाख होगी, जिस पर करीब ₹4 करोड़ का ब्याज मिलेगा और कुल फंड ₹4.50 करोड़ बन जाएगा।
कैलकुलेशन 3: हर साल ₹50,000 का निवेश
अगर आप एक मध्यम स्तर से शुरुआत करते हुए हर साल ₹50,000 (या हर महीने ₹4,200) पीपीएफ खाते में डालते हैं:
18 साल में कुल निवेश: ₹9,00,000 (9 लाख रुपये)
18 साल में मिला ब्याज: ₹9,38,000 (9.38 लाख रुपये)
18 साल पर कुल मैच्योरिटी फंड: ₹18.38 लाख से ज्यादा
60 साल की उम्र पर कॉर्पस: इसी गति से 50 साल तक निवेश करने पर 60 की उम्र में ₹2.25 करोड़ का बड़ा फंड तैयार हो जाएगा।
जितनी जल्दी हो शुरुआत उतना बेस्ट
फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का मानना है कि जितनी कम उम्र में निवेश शुरू किया जाएगा, 'पावर ऑफ कंपाउंडिंग' का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। अगर आप बच्चे के बचपन में ही पीपीएफ में निवेश शुरू करते हैं, तो आपको बहुत कम महीने की किश्त में भी करोड़ों का फंड बनाने में आसानी होगी। 18 साल की उम्र में मिलने वाला ₹55 लाख से ज्यादा का फंड बच्चे की कॉलेज फीस या बिजनेस शुरू करने के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।