PPF की मैच्योरिटी से मिले अमाउंट को मैं पिता को गिफ्ट में देना चाहता हूं, क्या इस पर टैक्स लगेगा?

सरकार ने गिफ्ट टैक्स एक्ट को 1998 में खत्म कर दिया था। फिर, इसे नए रूप में 2004 में लागू किया गया। इसमें गिफ्ट पर लगने वाले टैक्स के प्रावधानों के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये तक की कीमत के गिफ्ट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। गिफ्ट की कीमत इससे ज्यादा होने पर टैक्स लगता है। लेकिन, इसके कुछ अपवाद हैं

अपडेटेड May 27, 2023 पर 1:25 PM
50,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले गिफ्ट पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति की होती है, जिसे यह मिलता है। इसका मतलब है कि गिफ्ट देने वाले व्यक्ति पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी नहीं होती है।

अक्सर लोग अपने बुजुर्ग माता-पिता की जरूरतें पूरी करने के लिए उन्हें आर्थिक मदद करते रहते हैं। यह हमारी संस्कृति की खासियत है। हाल में मेरे एक दोस्त ने बताया कि उसका पीपीएफ (PPF) मैच्योर हो गया है। इससे उसे 10 लाख रुपये मिले हैं। उसने कहा कि वह इस पैसे को अपने पिता को गिफ्ट के रूप में देना चाहता है। दरअसल, वह दूसरे शहर में रहने वाले अपने माता-पिता को आर्थिक रूप से सुरक्षित करना चाहता था। मेरा दोस्त जानना चाहता था कि पिता को इस पैसे को गिफ्ट के रूप में देने पर क्या टैक्स (tax on gift) चुकाना होगा? मैंने उसे इस बारे में टैक्स एक्सपर्ट की सलाह देने की राय दी।

गिफ्ट पर टैक्स के नियम क्या हैं?

टैक्स एक्सपर्ट ने इस बारे में हमें कई अहम जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने गिफ्ट टैक्स एक्ट को 1998 में खत्म कर दिया था। फिर, इसे नए रूप में 2004 में लागू किया गया। इसमें गिफ्ट पर लगने वाले टैक्स के प्रावधानों के बारे में बताया गया है। इसमें कहा गया है कि एक वित्त वर्ष में 50,000 रुपये तक की कीमत के गिफ्ट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। अगर गिफ्ट की कीमत 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाती है तो पूरी कीमत पर टैक्स देना होगा।


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टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी किसकी?

50,000 रुपये से ज्यादा कीमत वाले गिफ्ट पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी उस व्यक्ति की होती है, जिसे यह मिलता है। इसका मतलब है कि गिफ्ट देने वाले व्यक्ति पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी नहीं होती है। इसे गिफ्ट पाने वाले व्यक्ति की इनकम में जोड़ दिया जाता है। फिर, उसके स्लैब के मुताबिक इस पर टैक्स चुकाना पड़ता है। यह गिफ्ट कैश, ज्वेलरी, प्रॉपर्टी, शेयर आदि के रूप में हो सकता है।

गिफ्ट पर टैक्स चुकाने से किसे मिलती है छूट?

एक्सपर्ट ने बताया कि गिफ्ट से जुड़े इनकम टैक्स के नियमों में कुछ रियायतें दी गई हैं। इसमें कहा गया है कि ब्लड रिलेशन यानी पिता अगर अपने बेटे या बेटी को गिफ्ट देता है तो वह टैक्स के दायरे में नहीं आएगी। इसी तरह अगर बेटा या बेटी अपने माता या पिता को गिफ्ट देते हैं तो वह टैक्स के दायरे में नहीं आएगा। इसका मतलब है कि ब्लड रिलेशन में आने वाला व्यक्ति अगर दूसरे व्यक्ति को 50,000 रुपये से ज्यादा मूल्य का गिफ्ट देता है तो उस पर किसी तरह का टैक्स नहीं चुकाना होगा। इस गिफ्ट को पाने वाले व्यक्ति के लिए यह पूरी तरह से टैक्स-फ्री होगा।

ब्लड रिलेशन के बीच गिफ्ट के एक्सचेंज पर टैक्स नहीं

मेरा दोस्त चूंकि पीपीएफ की मैच्योरिटी से मिला अमाउंट अपने पिता को गिफ्ट करना चाहता है तो उस पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगेगा। इसकी वजह यह है कि दोनों के रिश्ते ब्लड रिलेशन के तहत आता है। दोस्त के पिता को इस अमाउंट पर किसी तरह का टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा। वह इस अमाउंट को अपनी इच्छा के मुताबिक खर्च कर सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर कोई बेटा या बेटी अपने माता-पिता को गिफ्टा देना चाहती है तो वह टैक्स की चिंता किए बगैर दे सकती है। इसी तरह पिता या माता भी अपने बेटा या बेटी को गिफ्ट दे सकते हैं। उस पर टैक्स नहीं लगेगा।

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