इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करना चाहते हैं लेकिन Form 16 नहीं है? बगैर फॉर्म 16 ऐसे कर सकते हैं फाइल

हर व्यक्ति जिसकी सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से ज्यादा है, उसके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना जरूरी है। जो लोग नौकरी करते हैं, उनके इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए फॉर्म 16 जरूरी है। कंपनियां अपने एंप्लॉयीज को फॉर्म 16 जारी करती हैं। इसमें एंप्लॉयी को पिछले वित्त वर्ष में सैलरी से हुई इनकम, टीडीएस, टीसीएस, डिडक्शंस, एग्जेम्प्शंस का ब्योरा होता है

अपडेटेड May 27, 2023 पर 12:05 PM
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ऐसे टैक्सपेयर्स जो ऑनलाइन आईटीआर फाइल करना चाहते हैं वे फॉर्म 1 या फॉर्म 4 का इस्तेमाल कर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आईटीआर-1 फॉर्म को सहज कहा जाता है।

कई कंपनियों ने अपने एप्लॉयीज को अब तक फाइनेंशियल ईयर 2022-23 का फॉर्म 16 जारी नहीं किए हैं। फिर, अगर कोई टैक्सपेयर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करना चाहता है तो वह बगैर फॉर्म 16 के कर सकता है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) ने प्री-फिल्ड डेटा के साथ ITR-1 और आईटीआर-4 फॉर्म जारी कर दिए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 का इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई, 2023 है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कहा है कि बाकी आईटीआर फॉर्म्स के लिए सॉफ्टवेयर/यूटिलिटीज को जल्द इनेबल कर दिया जाएगा। इस बारे में ई-फाइलिंग पोर्टल पर टैक्सपेयर्स को जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। आपके पास ऑनलाइन और ऑफलाइन आईटीआर फाइल करने का ऑप्शंस है। जो टैक्सपेयर्स ऑनलाइन रिटर्न फाइल करना चाहते हैं वे ई-फाइलिंग पोर्टल की मदद से कर सकते हैं।

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Form 16 क्या है?

कंपनियां अपने हर एंप्लॉयी को फॉर्म 16 जारी करती हैं। इसमें पिछले फाइनेंशियल ईयर में एंप्लॉयी की इनकम, टीडीएस, टीसीएस, डिडक्शंस और एग्जेम्प्शंस सहित सभी तरह की जानकारियां होती हैं। ये जानकारियां इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए अहम होती हैं। इसकी वजह यह है कि इसी के आधार पर यह तय होता है कि टैक्सपेयर को कितना टैक्स चुकाना है। हर एंप्लॉयर के लिए अपने एंप्लॉयीज को 15 जून से पहले फॉर्म 16 जारी कर देना अनिवार्य है।

किसके लिए कौन सा फॉर्म?

ऐसे टैक्सपेयर्स जो ऑनलाइन आईटीआर फाइल करना चाहते हैं वे फॉर्म 1 या फॉर्म 4 का इस्तेमाल कर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। आईटीआर-1 फॉर्म को सहज कहा जाता है। इसका इस्तेमाल ऐसे टैक्यपेयर्स कर सकते हैं, जिनकी सैलरी/पेंशन, एक हाउस प्रॉपर्टी से इनकम, इंटरेस्ट जैसे दूसरे स्रोत से इनकम और कृषि से 5 हजार रुपये तक इनकम होती है।

ITR-4 को सुगम कहा जाता है। इसका इस्तेमाल इंडिविजुअल, HUFs और फर्म (LLP को छोड़) कर सकते हैं। इसके लिए शर्त यह है कि रेजिटेंड की टोटल इनकम 50 लाख रुपये तक होनी चाहिए और उसकी बिजनेस और प्रोफेशन से इनकम होनी चाहिए, जिसका कंप्यूटेशन इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44एडी, 44डीए या 44ईए के तहत होना चाहिए।

फॉर्म 16 के बगैर कैसे फाइल करें ITR?

अगर किसी टैक्सपेयर के पास फॉर्म 16 नहीं है तो वह अपनी सैलरी स्लिप का इस्तेमाल कर सकता है। इसके साथ उसे फॉर्म 26AS भी लगाना होगा। यह एनुअल टैक्स स्टेटमेंट है, जो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से जारी किया जाता है। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की TRACES वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। अथॉराइज्ड बैंक की नेटबैंकिंग फैसिलिटी से भी इसे एक्सेस किया जा सकता है।

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