हर महीने सिर्फ 12000 रुपये का निवेश, तैयार हो जाएगा 2 करोड़ रुपये का फंड, जानिए कैसे

पीपीएफ आज भी उन लोगों के लिए सबसे पसंदीदा स्कीम है, जो गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। इस स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता है। निवेश शुरू करने से पहले इनवेस्टर को पता होता है कि मैच्योरिटी पर उसे कितने पैसे मिलेंगे

अपडेटेड May 16, 2026 पर 5:44 PM
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सरकार ने पीपीएफ की शुरुआत 1986 में की थी। इस स्कीम की खास बात यह है कि टैक्स के लिहाज से यह बहुत फायदेमंद है।

इनवेस्टमेंट में निवेश के अमाउंट से ज्यादा मायने यह रखता है कि आप कितने लंबे समय तक निवेश करते हैं। ज्यादातर लोग इस बात को तब समझते हैं, जब समय उनके हाथ से निकल चुका होता है। अगर आप अनुशासित तरीके से लंबे समय तक निवेश करते हैं तो आपके लिए बड़ा फंड तैयार करना काफी आसान हो जाता है। खास बात यह कि ऐसी स्कीम में रेगुलर निवेश से भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है, जो सरकार की तरफ से चलाई जाती है। हम पीपीएफ यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड की बात कर रहे है।

सिर्फ 15 साल तक आपको करना है निवेश

पीपीएफ आज भी उन लोगों के लिए सबसे पसंदीदा स्कीम है, जो गारंटीड रिटर्न चाहते हैं। इस स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता है। निवेश शुरू करने से पहले इनवेस्टर को पता होता है कि मैच्योरिटी पर उसे कितने पैसे मिलेंगे। अगर आप जल्द इस स्कीम में निवेश शुरू कर देते हैं तो इसकी मदद से आप रिटायरमेंट तक 2 करोड़ रुपये का फंड आसानी से बना सकते हैं। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि आपको सिर्फ 15 साल रुपये तक निवेश करना है।


15 सालों में आप हर साल डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं

सरकार ने पीपीएफ की शुरुआत 1986 में की थी। इस स्कीम की खास बात यह है कि टैक्स के लिहाज से यह बहुत फायदेमंद है। इस पर EEE टैक्स बेनेफिट्स मिलते हैं। इसका मतलब है कि आपके निवेश अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। आपको जो इंटरेस्ट मिलता है, उस पर टैक्स नहीं लगता है। 15 साल बाद मैच्योरिटी पर जो पैसा आप निकालते हैं तो उस पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत इस स्कीम में निवेश पर डिडक्शन की सुविधा है। इसका मतलब है कि अगर आप इनकम टैक्स की पुरानी स्कीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप इसमें सालाना निवेश पर डिडक्शन भी क्लेम कर सकते हैं।

15 साल तक निवेश करने आपको मैच्योरिटी पर मिलेंगे 39.05 लाख

अगर आप 30 साल की उम्र में पीपीएफ में निवेश शुरू करते हैं तो आपके 45 साल होने पर स्कीम मैच्योर कर जाएगी। मान लीजिए आप इस स्कीम में हर महीने 12,000 रुपये का निवेश करते हैं तो 15 साल बाद मैच्योरिटी पर आपका पैसा बढ़कर 39,05,481 रुपये हो जाएगा। इसमें निवेश किया गया पैसा 21,60,000 रुपये है। इस पर मिला इंटरेस्ट 17,45,481 रुपये है। इस स्कीम में सालाना इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। यह कैलकुलेशन आप ऑनलाइन उपलब्ध पीपीएफ कैलकुलेटर की मदद से भी कर सकते हैं।

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म्यूचुअल फंड में 39,05,481 का निवेश बढ़कर हो जाएगा 2 करोड़

आपको पीपीएफ से मिले 39,05,481 रुपये को म्यूचुअल फंड की किसी अच्छी इक्विटी स्कीम में निवेश कर देना है। यह निवेश आपको 15 साल के लिए करना है। 15 साल बाद आपकी उम्र 60 साल हो जाएगी। इसका मतलब है कि तब आप रिटायर हो जाएंगे। रिटायरमेंट के बाद आपको म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम से अपना पूरा पैसा निकाल लेना है। सालाना 12 फीसदी कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट से आपका यह पैसा 15 साल बाद बढ़कर 2,13,76,907 रुपये हो जाएगा। इसका मतलब है कि आपके पास रिटायरमेंट के वक्त 2 करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड उपलब्ध होगा। इस तरह चिंतामुक्त होकर रिटायरमेंट बाद की जिंदगी बिता सकते हैं।

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