कई लोग निवेश में अपने पैसे की सुरक्षा पर ज्यादा फोकस करते हैं। ज्यादा रिटर्न कमाना उनकी प्राथमिकता नहीं होती है। दरअसल, वे स्टॉक मार्केट्स में निवेश से जुड़े रिस्क को उठाने के लिए तैयार नहीं होते। उन्हें लगता है कि अगर उन्हें इनफ्लेशन रेट से ज्यादा रिटर्न मिल जाए तो उन्हें दिक्कत नहीं है। ऐसे लोगों के लिए सरकार की कुछ स्मॉल सेविंग्स स्कीम मार्केट में हैं। इसके अलावा वे बैंकों के एफडी और आरडी में भी निवेश कर सकते हैं।
बैंकों के फिक्स्ड डिपॉजिट निवेश के सबसे पुराने माध्यमों में से एक हैं। खासकर सीनियर सिटीजंस की इस स्कीम में काफी ज्यादा दिलचस्पी रही है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर को निवेश से पहले यह पता होता है कि उसे अपने पैसे पर कितना इंटरेस्ट मिलेगा। बैंकों में जमा डिपॉजिटर्स के 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट का इंश्योरेंस होता है। इससे बैंक के डूबने या किसी दूसरी तरह की प्रॉब्लम होने पर भी डिपॉजिटर्स का पैसा कुछ हद तक सुरक्षित होता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) सरकार की लघु बचत योजनाओं में से एक है। यह बहुत लोकप्रिय स्कीम है। इसकी सबसे बड़ी वजह है इसका अट्रैक्टिव इंटरेस्ट रेट। इसके इंटरेस्ट रेट की सरकार समय-समय पर समीक्षा करती है। अभी इसका इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। यह बैंक में डिपॉजिट पर मिलने वाले इंटरेस्ट से ज्यादा है। यह लंबी अवधि के निवेश के लिए बहुत अच्छी स्कीम है। इसमें निवेश पर टैक्स बेनेफिट भी मिलता है।
बैंकों की रेकरिंग डिपॉजिट स्कीम (RD) उन लोगों के लिए अच्छी है, जो हर महीने कुछ पैसा सेविंग्स में डालना चाहते हैं। इस स्कीम में सेविंग्स अकाउंट्स के मुकाबले ज्यादा इंटरेस्ट मिलता है। लंबी अवधि में निवेश पर अच्छा फंड तैयार हो जाता है, जिसका इस्तेमाल बच्चों की उच्च शिक्षा या शादी के लिए किया जा सकता है। चूंकि इसमें हर महीने न्यूनतम निवेश की कोई सीमा तय नहीं है, जिससे व्यक्ति अपनी क्षमता के मुताबिक इनवेस्ट कर सकता है। इसमें निवेश पर किसी तरह का टैक्स बेनेफिट नहीं मिलता है।
पोस्ट ऑफिस नेशनल सेविंग्स मंथली इनकम अकाउंट (POMIS) ऐसी स्कीम है, जिसमें इनवेस्टर को रेगुलर इनकम मिलती है। इसमें इनवेस्टर को न्यूनतम निवेश करना जरूरी है। इसका इंटरेस्ट रेट 7.4 फीसदी है। यह स्कीम उन लोगों के लिए सही है, जो अपने पैसे पर रेगुलेर इनकम चाहते हैं। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह से सुरक्षित है।
आरबीआई फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स में ऐसे लोग निवेश कर सकते हैं, जिनके लिए अपने पैसे की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। ये बॉन्ड सात साल में मैच्योर हो जाते हैं। इसमें 8.05 फीसदी इंटरेस्ट मिलता है, जो दूसरी ऐसी स्कीमों के इंटरेस्ट के मुकाबले ज्यादा है। इस बॉन्ड्स में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश किया जा सकता है। निवेशक आरबीआई के रिटेल डायरेक्ट पोर्टल पर भी इस बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं।