PPF की मैच्योरिटी से पहले भी निकाल सकते हैं पैसे, जानिए क्या है नियम

अकाउंट ओपन करने के छठे फाइनेंशियल ईयर से आप पैसे निकाल सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपने 1 फरवरी, 2020 को पीपीएफ अकाउंट खोला है तो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बाद से आप पैसा निकाल सकते हैं

अपडेटेड Apr 12, 2022 पर 1:58 PM
PPF में एक फाइनेंशियल ईयर में मैक्सिमस 1.5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है। आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं।

PPF अकाउंट कई लोग इसलिए नहीं ओपन करते कि इसमें लिक्विडिटी नहीं है। उन्हें लगता है कि एक बार अकाउंट ओपन करने के 15 साल बाद ही पैसा हाथ में आएगा। दरअसल, पीपीएफ का मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है। लेकिन, ऐसा नहीं है। 15 साल से पहले भी पीपीएफ से पैसे निकाले जा सकते हैं। किसी तरह की इमर्जेंसी जैसे इलाज, बेटी की शादी, पढ़ाई आदि के लिए मैच्योरिटी से पहले भी पीपीएफ से पैसे निकाले जा सकते हैं। आइए मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालने के नियम के बारे में जानते हैं।

क्या है पैसे निकालने का नियम?

अकाउंट ओपन करने के छठे फाइनेंशियल ईयर से आप पैसे निकाल सकते हैं। इसका मतलब है कि अगर आपने 1 फरवरी, 2020 को पीपीएफ अकाउंट खोला है तो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के बाद से आप पैसा निकाल सकते हैं।


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कितने पैसे निकाल सकते हैं?

अच्छी बात यह है कि अगर आप मैच्योरिटी से पहले पैसे निकालते हैं तो भी उस पर आपको टैक्स नहीं देना होगा। एक फाइनेंशियल ईयर में आप सिर्फ एक बार अकाउंट से पैसे निकाल सकते हैं। पीपीएफ के नियमों के मुताबिक, आप करेंट फाइनेंशियल ईयर से पहले वाले फाइनेंशियल ईयर के अंत में अपने अकाउंट में जमा 50 फीसदी तक पैसा निकाल सकते हैं।

क्या है पैसा निकालने का प्रोसेस?

आपको विड्रॉल फॉर्म भरना पड़ता है, जिसे फॉर्म सी कहते हैं। इस फॉर्म को भरने के बाद आपको पीपीएफ पासबुक की कॉपी इसके साथ लगानी होगी। आपका अप्लिकेशन प्रोसेस हो जाने के बाद पैसा आपके सेविंग अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है। आप चाहें तो डिमांड ड्राफ्ट के जरिए भी पैसा ले सकते हैं।

PPF के क्या हैं फायदे?

PPF रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए बहुत जरूरी है। अगर इसमें हर साल इनवेस्ट किया जाए तो मैच्योरिटी तक अच्छा फंड तैयार हो जाता है। इसलिए यह आपके फाइनेंशियल गोल (Financial Goal) को हासिल करने में भी मददगार हो सकता है।

PPF की कई खासियतें हैं। पहला, इसमें इनवेस्टमेंट पर आपको इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट मिलती है। सिर्फ यहीं नहीं, इसमें एग्जेम्पट-एग्जेम्पट-एग्जेम्पट (EEE) बेनिफिट भी मिलता है। इसका मतलब है कि आपके कंट्रिब्यूशन पर टैक्स नहीं लगता है। आपके डिपॉजिट पर मिलने वाले इंट्रेस्ट पर टैक्स नहीं लगता है। आखिर में मैच्योरिटी पर मिलने वाला टोटल अमाउंट पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। ऐसे बहुत कम इनवेस्टमेंट ऑप्शन हैं, जिनमें EEE का बेनिफिट मिलता है।

एक साल में कितना जमा किया जा सकता है?

PPF में एक फाइनेंशियल ईयर में मैक्सिमस 1.5 लाख रुपये जमा किया जा सकता है। आप बैंक या पोस्ट ऑफिस में पीपीएफ अकाउंट ओपन कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें आप मंथली या एनुअली पैसा जमा कर सकते हैं। हर साल इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करते वक्त आप पीपीएफ में जमा रकम पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इसकी आपकी टैक्स लायबिलिटी कम हो जाएगी।

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