PPF vs ULIP vs ELSS: देश में निवेश के कई सारे ऑप्शन है और सभी के अपने फायदे और नुकसान हैं। पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (PPF), यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP), और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) कई ऐसे इन्वेस्टमेंट विकल्प है जो डेब्ट, इक्विटी और इंश्योरेंस केटेगरी में आते हैं। इन सभी स्कीमों के तहत सेक्शन 80C के तहत छूट मिलती है। यहां टैक्स बचाने के लिए ज्यादातर निवेशक निवेश करते हैं। यहां आपको यूलिप, PPF और ELSS के फायदे और नुकसान के बारे में बता रहे हैं।
निवेश के तीनों विकल्प ELSS, PPF और ULIP में इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत सालाना 1.50 लाख रुपये तक की टैक्स छूट पा सकते हैं। ये तीनों स्कीम निवेशकों को अच्छा रिटर्न भी देती हैं। यहां आपको बता रहे हैं कि इन तीनों में से निवेश का कौनसा ऑप्शन टैक्स छूट में सबसे ज्यादा फायदा और निवेश पर सबसे ज्यादा रिटर्न ऑफर कर सकता है।
लिक्विडिटी – यूलिप और PPF की तुलना में ELSS में लॉक इन पीरियड कम होता है। यूलिप में 5 साल और पीपीएफ में 15 साल का लॉक इन पीरियड होता है। उसके मुकाबले यूलिप का लॉक इन पीरियड कम है। आपको निवेश करने से पहले लिक्विडिटी के बारे में भी सोचना होगा, कि कितने समय में आप पैसा निकाल सकते हैं।
खर्च – यूलिप में निवेश करने की फीस अधिक है। ईएलएसएस में खर्च कम है। सेबी के नियमों के मुताबिक यूलिप की फीस अधिक है। वहीं, पीपीएफ में निवेश करने के लिए 100 रुपये की फीस लगती है।
जोखिम – यूलिप प्लान में ही इंश्योरेंस प्लान होता है, जो परिवार को सम एश्योर्ड कवर देता है। अगर यूलिप कराने वाले व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है परिवार को इंश्योरेंस मिलता है। Mutual funds और PPF में इंश्योरेंस या जोखिम का कवर नहीं मिलता है।
इन्वेस्टमेंट पर रिटर्न – ELSS और यूलिप दोनों मार्केट लिंक्ड इन्वेस्टमेंट प्लान है। इस पर मिलने वाला रिटर्न पहले से तय नहीं होता और इस पर मिलने वाला रिटर्न टैक्स फ्री नहीं होता। वहीं, पीपीएफ पर 7.1 फीसदी का ब्याज मिलता है। ELSS और यूलिप में लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलता है। ऐसे में सलाह दी जाती है कि लंबे समय के लिए इनमें निवेश किया जाए।