Pradhanmantri Jan Aushadhi Kendra : कोरोना वायरस के इस दौर में देश में इस समय बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। अगर आप कोई रोजगार करना चाहते हैं और पैसों की दिक्कत आ रही है तो आप प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं। सरकार इस केंद्र को खोलने में आर्थिक मदद भी मुहैया करा रही है। इसके जरिए बेहतर कमाई भी होने की पूरी गुंजाइश है।

​7 मार्च को पीएम मोदी ने देश को 7500वां जन औषधि केंद्र देश को समर्पित किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि साल भर के भीतर जन औषधि केंद्रों की संख्या 10 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस स्कीम के जरिए सरकार सस्ते दामों पर सरकार दवाइयां मुहैया कराती है। केंद्र सरकार इस स्कीम के जरिए देश के कई हिस्सों में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आम लोगों को प्रोत्साहित कर रही है।

इसके लिए सरकार की ओर से 5 लाख से लेकर 7 लाख रुपये तक की मदद की जाती है। जन औषधि केंद्र में पहले के मुकाबले अब नियमों में थोड़ा बदलाव हुआ है। जन औषधि केंद्र की शुरुआत मोदी सरकार ने साल 2015 में की थी। इस योजना के तहर आम लोगों को 2 तरह से राहत मिलती है। जन औषधि केंद्रों पर जेनेरिक दवाइयां दी जाती हैं। लिहाजा यह अन्य दुकानों के मुकाबले 90 फीसदी तक सस्ती दरों पर दवाएं मिलती हैं। पीएम मोदी ने इस योजना के बारे में बताया था कि इससे देश के आम लोगों को 3,600 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

जन औषधि केंद्र खोलने वालों को केंद्र सरकार 5 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि दे रही है। अगर आप सरकार के आकांक्षी जिले में खोलते हैं तो 2 लाख रुपये और मिलेंगे। इस तरह से कुल 7 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। पहले इस योजना में प्रोत्साहन राशि सिर्फ 2.50 लाख रुपये थी।

जानिए कितनी होगी कमाई

जन औषधि केंद्र में दवाओं की बिक्री पर 20 फीसदी तक कमीशन मिलता है। इस कमीशन के अलावा हर महीने होने वाली बिक्री पर अलग से 15 फीसदी तक का इंसेंटिव दिया जाता है। जो कि आपकी कमाई होगी। इस योजना के तहत दुकान खोलने के लिए फर्नीचर और अन्य सामानों के लिए सरकार की ओर से 1.5 लाख रुपये तक की मदद मिलती है। बिलिंग के लिए कंप्यूटर और प्रिंटर खरीदने में भी सरकार 50,000 रुपये तक की मदद करती है।


कौन कर सकते हैं अप्लाई

जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार ने तीन तरह की कैटेगरी बनाई है। पहली कैटेगरी में कोई भी व्यक्ति, बेरोजगार फार्मासिस्ट, कोई डॉक्टर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर जन औषधि केंद्र खोल सकता है। दूसरी कैटेगरी में ट्रस्ट, NGO, प्राइवेट अस्पताल आदि आते हैं। वहीं, तीसरी कैटेगरी में राज्य सरकारों की तरफ से नॉमिनेट की गई एजेंसियों को शामिल किया गया है।

कैसे करें अप्लाई

अगर आप भी जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं तो इसके लिए आपको जन औषधि केंद्र के नाम से रिटेल ड्रग सेल्स का लाइसेंस लेना होगा। आप http://janaushadhi.gov.in/online_registration.aspx पर जा कर फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। इस स्कीम के तहत पहले अप्लाई करने के लिए पहले फीस नहीं लगती थी। लेकिन अब अप्लाई करने पर 5000 रुपये फीस ली जाती है।

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