तलाक के बाद जानें फाइनेंशियल लाइफ कैसे दुरुस्त रहेगी, कैसे पैसों की दिक्कत Pre-nuptial Agreement से दूर हो सकती है। तलाक के बाद की जिंदगी भी अच्छे से बिताने और फाइनेंशियली मजबूत रहने के लिए सीएनबीसी-आवाज़ आपके लिए कुछ जानकारी लाया है जिस पर फाइनेंशियल प्लानर अर्णव पंड्या से बातचीत करेंगे।
सवाल: मेरी उम्र 32 साल है। मेरी सालाना आय 16 लाख रुपये है। मेरा तलाक होनेवाला है। मैं कामकाजी महिला हूं। मेरा पति के साथ ज्वाइंट निवेश है। मैंने रियल इस्टेट में और MF में ज्वाइंट निवेश किया हुआ है। मुझे रिटायरमेंट के लिए 5 करोड जमा करना है।
अर्णव पंड्या की सलाह: आप तलाक से पहले तमाम फाइनेंशियल लाइफ को अलग कर लें। इसके बाद ज्वाइंट निवेश को अलग करने के पहले, निवेश को रोकें। वकील से अपने हिस्से का निवेश अलग करने पर सलाह लें। इसके अलावा निवेश की गई AMC को जवाइंट खाते तोडने की अर्जी दें। निवेश खाता अलग करने के बाद अपने नाम से निवेश शुरु करें। SIP यूनिट को रिडिम कर अपने खाते में ट्रांसफर करें।
आपको पता होना चाहिए कि प्रॉपर्टी को अपने नाम पर करने में खर्च ज्यादा आता है। रियल एस्टेट की हालत खराब है इसलिए प्रॉपर्टी बेचने से बचें। आपकी मौजूदा SIP से 20 साल में 4 करोड़ जमा हो सकेंगे इस पर 12 प्रतिशत रिटर्न है। इसलिए अपने लक्ष्य को पूरा करने के लिए SIP की राशि बढ़ाने की कोशिश करें। अपने लिए हेल्थ इंश्योरेंस खरीदें।
क्या होता है Prenuptial Agreement
यह शादी से पहले एक समझौता होता है। इसमें एसेट और इनवेस्टमेंट के विभाजन की शर्तें होती हैं। इसके अंतर्गत शादी टूटने की हालात में Agreement के मुताबिक बंटवारा होता है। शादी टूटने की शर्त Prenuptial Agreement में शामिल होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि Prenuptial Agreement को कानूनी मान्यता है।
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