सुप्रीम कोर्ट (SC) ने मंगलवार को 1988 के बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के एक प्रावधान को रद्द कर दिया है। इसमें ‘बेनामी’ लेनदेन (Benami Property) में शामिल लोगों के लिए अधिकतम तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों सजा की बात है। मतलब कि अब बेनामी संपत्ति लेनदेन के मामले में जेल या जुर्माना के सजा नहीं होगी।
