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Benami Property Case: बेनामी संपत्ति के मामले में अब नहीं होगी जेल, SC ने सुनाया बड़ा फैसला

चीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने कहा, "हम बेनामी लेनदेन (प्रतिषेध) अधिनियम, 1988 की धारा 3(2) को असंवैधानिक ठहराते हैं।"

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 23, 2022 पर 9:46 PM
Benami Property Case: बेनामी संपत्ति के मामले में अब नहीं होगी जेल, SC ने सुनाया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी संपत्ति के मामले में सुनाया बड़ा फैसला

सुप्रीम कोर्ट (SC) ने मंगलवार को 1988 के बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम के एक प्रावधान को रद्द कर दिया है। इसमें ‘बेनामी’ लेनदेन (Benami Property) में शामिल लोगों के लिए अधिकतम तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों सजा की बात है। मतलब कि अब बेनामी संपत्ति लेनदेन के मामले में जेल या जुर्माना के सजा नहीं होगी।

शीर्ष अदालत ने इस प्रावधान को ‘साफ तौर से मनमाना’ होने के आधार पर ‘असंवैधानिक’ करार दिया है।

चीफ जस्टिस एनवी रमना और जस्टिस सीटी रविकुमार और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच ने कहा, "हम बेनामी लेनदेन (प्रतिषेध) अधिनियम, 1988 की धारा 3(2) को असंवैधानिक ठहराते हैं।"

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कानून की धारा 3 ‘बेनामी लेनदेन के प्रतिषेध’ विषय से जुड़े है और इसकी अब रद्द की जा चुकी उपधारा (2) के अनुसार, "जो भी बेनामी लेनदेन करता है, उसे तीन साल तक के कारावास या जुर्माना या दोनों सजा दी जाएगी।"

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