दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राष्ट्रीय राजधानी में घर खरीदने का प्लान बना रहे दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफा दिया है। अब DDA फ्लैट्स के लिए वो सभी लोग भी अप्लाई कर सकेंगे, जिनके पास पहले से ही दिल्ली में अपना घर, प्लॉट या फ्लैट्स हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना की अध्यक्षता में 29 अगस्त को हुई डीडीए की बोर्ड मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। माना जा रहा है कि DDA ने अपने बचे फ्लैट्स के बैकलॉग को क्लियर करने के लिए यह नया दांव खेला है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आखिर DDA के इस फैसले से उसे कितना लाभ होता है।
नए नियम के मुताबिक, दिल्ली में जिन लोगों के पास अपना घर है वह भी अब DDA फ्लैट के लिए अप्लाई कर सकेंगे। सभी घर खरीदारों को DDA हाउसिंग स्कीम में भाग लेने का अवसर प्रदान करने के लिए प्राधिकरण ने 'DDA (Management and Disposal of Housing Estate) विनियम, 1968' में संशोधन को मंजूरी दे दी है। अब उस प्रतिबंध को हटा दिया है कि जिस व्यक्ति के पास दिल्ली में घर या प्लॉट है वह दूसरे डीडीए फ्लैट के आवंटन के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रतिबंध से डीडीए फ्लैटों की मांग प्रभावित हुई।
दरअसल, दिल्ली विकास प्राधिकरण के मौजूदा नियमों के अनुसार DDA की हाउसिंग स्कीम के तहत वे लोग या परिवार फ्लैट के लिए दोबारा अप्लाई नहीं कर सकते थे जिनके पास देश की राजधानी में पहले से ही अपना घर या जमीन था। हालांकि, बीते सालों में फ्लैटों की बिक्री प्रभावित होने के कारण DDA को अब अपने नियमों में बदलाव करना पड़ा है। मंगलवार को डीडीए की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। अब यह प्रस्ताव आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।
इस प्रस्ताव में अब दिल्ली में अपना घर, प्लॉट, फ्लैट्स की शर्तों को हटा लिया गया है। इससे पहले पिछले साल भी एक संशोधन किया गया था। जिसमें उन लोगों को फ्लैट्स लेने का मौका दिया गया था, जिनके पास दिल्ली में 67 वर्ग मीटर या इससे छोटे घर हैं। DDA के अनुसार, इस तरह की पाबंदियों की वजह से फ्लैट्स की बिक्री प्रभावित हो रही थी। यही वजह है कि ऐसी शर्तों को हटाया गया है। अब किसी भी साइज का और कितना भी बड़ा घर होने के बावजूद दिल्ली के लोग इन फ्लैट्स के लिए अप्लाई कर सकेंगे।
DDA इस समय काफी फ्लैट्स बना रखा है। कई प्रोजेक्ट तो पूरे होने वाले हैं। DDA के कई प्रोजेक्ट्स में अभी भी बहुत से फ्लैट्स बिना बिके पड़े हैं। डीडीए को अब यह अहसास हो गया है कि समय के साथ लोगों की जरूरतें बढ़ी हैं। दिल्लीवासियों को भी बड़े परिवारों के लिए छोटे घर में रहना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इसके बाद DDA ने नियम बदलने का फैसला दिल्लीवासियों की फ्लैट्स को लेकर बढ़ती मांग को लेकर लिया गया है।