बढ़ती कीमतों के कारण रेडी-टू-मूव के बजाय अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदने का ट्रेंड बढ़ा

ए\प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 की तीसरी तिमाही के दौरान भारत में घर खरीदने की औसत लागत में सालाना 5.9 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, जो एशिया में दूसरी सबसे ज्यादा ग्रोथ है। एनारॉक के हालिया कंज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे के मुताबिक, रेडी-टू-मूव घरों की मांग में गिरावट हुई और यह अब कंज्यूमर्स की प्राथमिकता में सबसे नीचे है

अपडेटेड Mar 29, 2024 पर 4:35 PM
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एनारॉक के हालिया कंज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे के मुताबिक, रेडी-टू-मूव घरों की मांग में गिरावट हुई और यह अब कंज्यूमर्स की प्राथमिकता में सबसे नीचे है।

कोरोना के बाद रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की मांग काफी तेजी से बढ़ी है। साथ ही, कीमतें भी तेजी से बढ़ी हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से निवेशक अब अपेक्षाकृत सस्ती अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी का रुख कर रहे है। प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी नाइट फ्रैंक इंडिया (Knight Frank India) की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 की तीसरी तिमाही के दौरान भारत में घर खरीदने की औसत लागत में सालाना 5.9 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई, जो एशिया में दूसरी सबसे ज्यादा ग्रोथ है।

उदाहरण के लिए, बेंगलुरु के पॉश इलाके इंदिरा नगर में रेडी-टू-मूव फ्लैट्स की कीमत 18,000 से 30,000 वर्ग फुट है। हालांकि, 1,000-2,400 वर्ग फुट वाले कई फ्लैट्स की कीमत 50,000-62,000 रुपये वर्ग फुट है और इस लिहाज से इन अपार्टमेंट्स की कीमत 5-14 करोड़ रुपये है। इसकी तुलना में अंडर-कंस्ट्रक्शन 14,000-15,000 रुपये वर्ग फुट है।

बेंगलुरु की कंपनी हनु रेड्डी रियल्टी के वाइस प्रेसिडेंट के कुमार ने बताया, 'घर के ज्यादातर खरीदार या इनवेस्टर अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, जिनकी कीमत रेडी-टू-मूव के मुकाबले 15-20 पर्सेंट कम होती है।'


प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी एनारॉक ग्रुप (ANAROCK Group) में रिसर्च हेड और रीजनल हेड प्रशांत ठाकुर ने बताया, 'कोरोना से पहले ज्यादातर लोग रेडी-टू-मूव प्रॉपर्टी खरीदना चाहते थे, क्योंकि घर मिलने में काफी देरी होती थी। इसके तुरंत बाद भी किराए में बढ़ोतरी और जल्द रिटर्न की उम्मीद में निवेशक रेडी प्रॉपर्टी की तरफ भाग रहे थे। हालांकि, पिछले एक-दो साल में यह ट्रेंड बदला है और खरीदार अब नई लॉन्च हुए परियोजनाओं और अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।'

एनारॉक के हालिया कंज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे के मुताबिक, रेडी-टू-मूव घरों की मांग में गिरावट हुई और यह अब कंज्यूमर्स की प्राथमिकता में सबसे नीचे है। साल 2023 की दूसरी छमाही में रेडी-टू-मूव और नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च का अनुपात 23:24 था। यह 2020 की पहली छमाही के उलट ट्रेंड है, जब यह अनुपात 46:18 था। जनवरी-मार्च 2024 के दौरान अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी की मांग में तिमाही आधार पर 7.8 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई।

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