Noida: फ्लैट का कब्जा देने में बिल्डर ने की 5 साल की देरी, UP Rera ने लगाया ₹16 लाख का जुर्माना

नोएडा के बिल्डर पर ग्राहक को तय समय पर फ्लैट नहीं दे पाने पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। बिल्डर ने ग्राहक को तय समय से 5 साल के बाद फ्लैट का कब्जा दिया था। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) के मुताबिक, दिल्ली के एक व्यक्ति ने नोएडा के सेक्टर-78 स्थित महागुन मेजेरिया (Mahagun Mezzaria) में 2017 में फ्लैट बुक कराया था

अपडेटेड Jun 22, 2023 पर 5:23 PM
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UP RERA ने सभी शिकायतों को सुनने के बाद घर खरीदार के पक्ष में अपना फैसला सुनाया

नोएडा के एक बिल्डर पर ग्राहक को तय समय पर फ्लैट का कब्जा नहीं दे पाने के लिए 16 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। बिल्डर ने ग्राहक को तय समय से 5 साल के बाद फ्लैट का कब्जा दिया था। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) के मुताबिक, दिल्ली के एक व्यक्ति ने नोएडा के सेक्टर-78 स्थित महागुन मेजेरिया (Mahagun Mezzaria) में 2017 में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए उसने इस प्रोजेक्ट के प्रमोटर नेक्सजेन इन्फ्राकॉन (NexGen Infracon) को 1.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।

UP RERA ने एक बयान में कहा, "प्रमोटर ने ग्राहक को दिसंबर 2018 में फ्लैट देने का वादा किया था। लेकिन वह अपना वादा पूरा नहीं कर पाई। फ्लैट मिलने में लगातार हो रही देरी को देखते हुए ग्राहक ने 2021 में RERA से संपर्क किया।”

रेरा के एक अधिकारी ने कहा कि फ्लैट के खरीदार से प्रमोटर ने बाद में 2021 में फ्लैट आवंटित करने का वादा किया था। जब प्रमोटर बिल्डर-खरीदार समझौते की शर्तों को पूरा न कर सका तो यह मामला निपटान के लिए RERA में पहुंचा।


UP RERA ने सभी शिकायतों को सुनने के बाद घर खरीदार के पक्ष में अपना फैसला सुनाया और प्रमोटर पर 16 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

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RERA ने कहा, "ऑर्डर को लागू करने के लिए आगे की कार्यवाही के दौरान, प्रमोटर ने इस सप्ताह की शुरुआत में 16 लाख रुपये के जुर्माने के साथ सभी शर्तों को पूरा करते हुए ग्राहक को फ्लैट की चाबी सौंप दिया। संतुष्ट ग्राहक ने फ्लैट का कब्जा मिलने से जुड़ा एक डॉक्यूमेंट्स लोकल अथॉरिटी के सामने पेश कर दिया है।"

बता दें कि तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट सेक्टर को रेगुलेट करने के लिए साल 2017 में UP RERA की स्थापना हुई थी। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता लाना, घर खरीदारों के हितों की रक्षा करने और ग्राहकों व बिल्डरों के बीच के विवादों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।

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