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घर खरीदने जा रहे हैं? Carpet Area, Built-up Area और Super Built-up Area का फर्क समझ लीजिए, नहीं तो हो सकता है नुकसान

रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट यानी RERA के तहत बिल्डरों को प्रोजेक्ट में बिकने वाले फ्लैटों का कार्पेट एरिया बताना अनिवार्य है। विशेषज्ञों का कहना है कि घर खरीदते समय सिर्फ बड़े एरिया के आंकड़े देखकर प्रभावित न हों। सेल्स टीम अक्सर सुपर बिल्ट-अप एरिया बताती है, जो सुनने में बड़ा लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि आपको रहने के लिए कितनी जगह मिल रही है

Curated By: Shubham Sharmaअपडेटेड Jun 12, 2026 पर 9:12 PM
घर खरीदने जा रहे हैं? Carpet Area, Built-up Area और Super Built-up Area का फर्क समझ लीजिए, नहीं तो हो सकता है नुकसान
घर खरीदने जा रहे हैं? Carpet Area, Built-up Area और Super Built-up Area का फर्क समझ लीजिए, नहीं तो हो सकता है नुकसान

अगर आप नया फ्लैट या घर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो सिर्फ बड़े-बड़े विज्ञापनों और आकर्षक ऑफर्स को देखकर फैसला न करें। घर खरीदते समय कार्पेट एरिया, बिल्ट-अप एरिया और सुपर बिल्ट-अप एरिया का अंतर समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि कई बार जिस घर को आप 1200 वर्ग फुट (Sq. ft.) का समझकर खरीदते हैं, उसमें रहने लायक जगह काफी कम निकलती है।

क्या होता है कार्पेट एरिया?

कार्पेट एरिया का मतलब है घर के अंदर की वह वास्तविक जगह, जिसका इस्तेमाल आप रोजमर्रा की जिंदगी में कर सकते हैं।

सीधे शब्दों में कहें तो यह आपके फ्लैट का रहने लायक हिस्सा होता है। इसमें बेडरूम, हॉल, किचन और बाथरूम जैसी जगहें शामिल होती हैं।

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