रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Real Estate Developers Association of India -CREDAI) यानी क्रेडाई का कहना है कि अगर कच्चे माल की कीमतों को घटाने के लिए जल्द कदम नहीं उठाए गए तो मकानों के दाम भी 10-15 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। क्रेडाई की मांग है कि सरकार को कच्चे माल की कीमतों में काबू करने के उपाय करना चाहिए और इसके लिए उन्होंने GST में कटौती करने का सुझाव दिया है।
साल 2020 से कीमतों में इजाफा
क्रेडाई में 13,000 से अधिक डेवलपर्स है। क्रेडाई का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों में जनवरी 2020 से लगातार बढ़ोतरी जारी है। इसके अलावा एसोसिएशन ने कहा है कि लॉकडाउन, कफ्यू और मजदूरों की कमी के चलते कई प्रोजेक्ट्स देरी से चल रहे हैं। 18 महीनों में निर्माण लागत (construction cost) में 10-15 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। क्रेडाई ने अपने बयान में कहा है कि ऐतिहासिक रूप से ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होने से करीब सभी सामानों और कमोडिटीज के दाम बढ़ जाते हैं। लेकिन घर बनाने के लिए लगने वाले कच्चे माल के दाम दाम जनवरी 2020 से लगातार बढ़ रहे हैं। वैसे भी लॉकडाउन, कर्फ्यू के चलते प्रोजेक्ट्स देरी से चल रहे हैं।
क्रेडाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन पटोदिया (Harsh Vardhan Patodia) ने कहा कि हम पिछले एक साल में कच्चे माल की कीमतों में लगातार तेजी से बढ़ते हुए देख रहे हैं। निकट भविष्य में उनके नीचे आने या स्थिर होने संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में बिल्डर बढ़ती लागत का बोझ नहीं उठा पाएंगे और वे इसे घर खरीदारों पर डाल सकते हैं। क्रेडाई ने इसके लिए घर बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले सामानों पर GST में कटौती करने का सुझाव दिया है। पटोदिया ने कहा कि सरकार को जल्द सीमेंट और और स्टील जैसे उत्पादों की कीमतें घटाने और अन्य कच्चे माल पर जीएसटी में कटौती जैसे कदम उठाने होंगे।
बता दें कि अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ भारत समेत दुनियाभर में स्टील के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे लागत में एक बार फिर इजाफा होने की आशंका है। ऐसा होता है, तो उपभोक्ताओं को भी मकान खरीदने के लिए 15 फीसदी तक ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ सकती है।