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शेयर मार्केट की सुस्ती रियल एस्टेट पर भारी, क्या अब सस्ते होंगे घर? जल्दबाजी में प्रॉपर्टी की खरीदारी से पहले समझें गणित

Real Estate and Stock Market: स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ समय से काफी सुस्ती छाई हुई है। अब इसका असर रियल एस्टेट मार्केट में भी दिखने लगा है। जानिए आखिर स्टॉक मार्केट और घरों की बिक्री का कनेक्शन क्या है और रियल एस्टेट मार्केट की सुस्ती के संकेत कैसे मिले? जानिए कि क्या इस सुस्ती के चलते प्रॉपर्टी की कीमतों में गिरावट आ सकती है और आगे क्या रुझान है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 16, 2026 पर 2:29 PM
शेयर मार्केट की सुस्ती रियल एस्टेट पर भारी, क्या अब सस्ते होंगे घर? जल्दबाजी में प्रॉपर्टी की खरीदारी से पहले समझें गणित
रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती का संकेत डेवलपर्स के गाइडेंस में दिखने लगा है। मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट की दिग्गज कंपनी सिग्नेचल ग्लोबल (इंडिया) ने इस महीने की शुरुआत में संकेत दिया कि सुस्त मांग के चलते वह चालू वित्त वर्ष के लिए अपने सेल्स टारगेट को पूरा नहीं कर पाएगी। (File Photo- Pexels)

Real Estate connection with Stock Market: घरेलू स्टॉक मार्केट की सुस्ती और निवेशकों के सेंटिमेंट में उठा-पटक अब देश के रियल एस्टेट सेक्टर पर असर डालने लगी है। इसका असर मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में अधिक दिख रहा है। डेवलपर्स के मुताबिक घरों की बिक्री सुस्त हुई है और खरीदार सतर्कता बरत रहे हैं। कोरोना महामारी के बाद घरों की बिक्री में तेज रिकवरी हुई लेकिन हाल-फिलहाल की तिमाहियों में सेल्स की रफ्तार सुस्त पड़ी है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि शेयर मार्केट में लंबे समय से जारी उतार-चढ़ाव, सीमित वेल्थ क्रिएशन और निवेशकों का ‘रुककर देखने’ का रुख; प्रॉपर्टी की खरीदारी पर असर डाल रहा है।

कैसे मिले संकेत?

रियल एस्टेट मार्केट में सुस्ती का संकेत डेवलपर्स के गाइडेंस में दिखने लगा है। मिड-इनकम और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट की दिग्गज कंपनी सिग्नेचल ग्लोबल (इंडिया) ने इस महीने की शुरुआत में संकेत दिया कि सुस्त मांग के चलते वह चालू वित्त वर्ष के लिए अपने सेल्स टारगेट को पूरा नहीं कर पाएगी। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह रेजिडेंशियल मार्केट में व्यापक दबाव का शुरुआती संकेत है। उनका मानना है कि ऊंची कीमतों और नए प्रोजेक्ट लॉन्च में सुस्ती के बीच गुरुग्राम में हाउसिंग डिमांड कमजोर पड़ सकती है।

सिर्फ सिग्नेचर ग्लोबल ही नहीं, डीएलएफ और ओबेराय रियल्टी जैसे दूसरे अहम लिस्टेड डेवलपर्स को भी झटका लगने की आशंका है। ब्रोकरेज फर्म नोमुरा सिक्योरिटीज ने अपने हालिया नोट में जिक्र किया कि डीएलएफ की प्री-सेल्स 92% और ओबेरॉय रियल्टी की प्री-सेल्स में 43% की गिरावट आ सकती है। दिल्ली-एनसीआर के एक रियल एस्टेट कंसल्टेंट का कहना है कि शहरों में रियल एस्टेट की मांग का शेयर मार्केट से सीधा संबंध है और जब यह कमजोर होता है तो या लिमिटेड रेंज में रहता है तो खरीदार घर जैसी बड़ी खरीद को टाल देते हैं।

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