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RERA और डिजिटाइजेशन की वजह से इंडिया का ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी स्कोर बढ़ा है : JLL

इंडिया में एसेट इंफॉर्मेशन तक पहुंच में काफी सुधार आया है। GRETI 2022 में इंडिया के स्कोर में सबसे ज्यादा सुधार देखने को मिला। रिफॉर्म्स के बाद प्रॉपर्टी एजेंट्स के प्रोफेशनल स्टैंडर्ड्स में भी सुधार आया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2022 पर 3:23 PM
RERA और डिजिटाइजेशन की वजह से इंडिया का ग्लोबल ट्रांसपेरेंसी स्कोर बढ़ा है : JLL
साल 2020 और 2022 के बीच इंडिया के ट्रांसपेरेसी स्कोर में आया सुधार कई ज्यादा ट्रांसपेरेंट मार्केट के मुकाबले ज्यादा है।

इंडिया का रियल एस्टेट मार्केट दुनिया की टॉप 10 सबसे इम्प्रूव्ड कंट्रीज की लिस्ट में शामिल हो गया है। यह जानकारी JLL ने दी है। उसने कहा है कि इंडिया उसके 2022 ग्लोबल रियल एस्टेट ट्रांसपेरेसी इंडेक्स (GRETI) में शामिल हो गया है। उसने यह भी कहा है कि इंडियन रियल एस्टेट मार्केट अब 'Transparent Category' में शामिल होने के करीब है। इसमें Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 (RERA) और रियल एस्टेट ट्रांजेक्शन के डिजिटाइजेशन का बड़ा हाथ है। 5 जुलाई को जारी स्टडी में यह बात कही गई है।

साल 2020 और 2022 के बीच इंडिया के ट्रांसपेरेसी स्कोर में आया सुधार कई ज्यादा ट्रांसपेरेंट मार्केट के मुकाबले ज्यादा है। इससे 2020 और 2022 के बीच कंपोजिट ट्रांसपेरेसी स्कोर में इम्प्रूवमेंट के मामले में इंडिया का प्रदर्शन इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया, कनाडा, आयरलैंड, स्वीडन, न्यूजीलैंड, बेल्जियम और जापान से बेहतर रहा है। इससे इंडिया 36वें पायदान पर आ गया है।

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इस स्टडी में कहा गया है कि रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) के साथ ही नए नियमों ने भी ट्रांसपेरेसी के मामले में इंडिया के बेहतर प्रदर्शन में भूमिका निभाई है। पिछले कुछ सालों में इंडिया में रियल एस्टेट से जुड़े कई बड़े कदम उठाए गए हैं। इनमें Benami Prohibition (Amendment) Act-2016, GST और Insolvency and Bankruptcy Code शामिल हैं। इन बड़े सुधारों के बाद अब छोटे-छोटे कदम उठाए जा रहे हैं।

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