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RBI के इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने के बाद कहां निवेश करने में सबसे ज्यादा फायदा?

बॉन्ड यील्ड में उछाल को देखते हुए यह फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसे लगाने का सही वक्त है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही से पहले इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद नहीं दिख रही। इसलिए जब बॉन्ड यील्ड्स अट्रैक्टिव है, इनवेस्टर्स को इसका फायदा उठाना चाहिए।एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को म्यूचुअल फंड्स की ऐसी स्कीम में इनवेस्ट करना चाहिए, जिनका फोकस शॉर्ट से लेकर मीडियम ड्यूरेशन पर होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 06, 2023 पर 4:53 PM
RBI के इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने के बाद कहां निवेश करने में सबसे ज्यादा फायदा?
वैल्यू रिसर्च के मुताबिक, शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स ने पिछले एक साल में 6.73 फीसदी रिटर्न दिया है।

RBI ने 6 अक्टूबर को इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाया। उसने रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बनाए रखने का फैसला किया। पहले से ही इनवेस्टर्स अमेरिका में बढ़ती यील्ड और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से चिंता में थे। RBI ने इनफ्लेशन को काबू में लाने पर अपने फोकस के बावजूद इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया। ऐसे में बॉन्ड यील्ड को देखते हुए यह फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसे लगाने का सही वक्त है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही से पहले इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद नहीं दिख रही। इसलिए जब बॉन्ड यील्ड्स अट्रैक्टिव है, इनवेस्टर्स को इसका फायदा उठाना चाहिए। फिक्स्ड इनकम प्रोफेशनल्स की निवेशकों की यही सलाह है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को म्यूचुअल फंड्स की ऐसी स्कीम में इनवेस्ट करना चाहिए, जिनका फोकस शॉर्ट से लेकर मीडियम ड्यूरेशन पर होता है।

शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स में मिलेगा ज्यादा रिटर्न

Synergee Capital Services के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर विक्रम दलाल का कहना है कि इंटरेस्ट रेट में इस फाइनेंशियल ईयर में कमी आने की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में निवेशकों को शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स में निवेस करना चाहिए। वैल्यू रिसर्च के मुताबिक, शॉर्ट ड्यूरेशन फंड्स ने पिछले एक साल में 6.73 फीसदी रिटर्न दिया है। हालांकि, शॉर्ट ड्यूरेशन फंड में निवेश करने से पहले इनवेस्टर को फंड का ट्रैक रिकॉर्ड, क्रेडिट क्वालिटी और एक्सपेंस रेशियो को देख लेना जरूरी है।

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