RBI ने 6 अक्टूबर को इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाया। उसने रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बनाए रखने का फैसला किया। पहले से ही इनवेस्टर्स अमेरिका में बढ़ती यील्ड और क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों से चिंता में थे। RBI ने इनफ्लेशन को काबू में लाने पर अपने फोकस के बावजूद इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ाने का फैसला किया। ऐसे में बॉन्ड यील्ड को देखते हुए यह फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में पैसे लगाने का सही वक्त है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही से पहले इंटरेस्ट रेट में कमी की उम्मीद नहीं दिख रही। इसलिए जब बॉन्ड यील्ड्स अट्रैक्टिव है, इनवेस्टर्स को इसका फायदा उठाना चाहिए। फिक्स्ड इनकम प्रोफेशनल्स की निवेशकों की यही सलाह है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को म्यूचुअल फंड्स की ऐसी स्कीम में इनवेस्ट करना चाहिए, जिनका फोकस शॉर्ट से लेकर मीडियम ड्यूरेशन पर होता है।
