Home Loan: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने 8 अप्रैल को रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। RBI के इस फैसले का सबसे बड़ा असर होम लोन लेने वालों पर पड़ता है, क्योंकि ज्यादातर होम लोन रेपो रेट से जुड़े होते हैं। रेपो रेट स्थिर रहने का मतलब है कि आपकी EMI फिलहाल नहीं बदलेगी। बैंक भी अपनी लेंडिंग रेट्स में तुरंत बदलाव करने की संभावना नहीं रखते, जब तक कि लिक्विडिटी या पॉलिसी में बड़ा बदलाव न हो।
बीते एक साल में होमलोन बायर्स को मिली राहत
हालांकि इस बार कोई नई राहत नहीं मिली है, लेकिन पिछले एक साल में हुए कुल 1.25% यानी 125 बेसिस पॉइंट की कटौती से ग्राहकों को काफी फायदा मिला है। इससे लोन सस्ता हुआ है और EMI कम हुई है। साथ ही कुल ब्याज में भी बड़ी सेविंग हुई है।
50 लाख रुपये के लोन पर हुई इतनी सेविंग
अनुमान के अनुसार अगर किसी ने 20 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है, तो उसे अब तक करीब 9 लाख रुपये तक का ब्याज बचत का फायदा मिल सकता है। वहीं, हर महीने की EMI में करीब 3,800 से 4,000 रुपये तक की कमी आई है, जिससे लोगों को खर्च संभालने में राहत मिली है।
फ्लोटिंग रेट पर लोन लेने वालों की नहीं बढ़ेगी EMI
अब जब RBI ने दरों को स्थिर रखा है, तो फ्लोटिंग रेट वाले लोन लेने वालों की EMI आने वाले समय में भी ऐसी ही बनी रहेगी। यानी उनकी होम लोन EMI न घटेगी और न ही बढ़ेगी। वहीं, फिक्स्ड रेट वाले लोन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जब तक कि ग्राहक लोन को रीफाइनेंस या बैंक बदलने का फैसला न करें।
नया घर लेने वाले क्या करें?
जो लोग नया घर खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए मौजूदा ब्याज दरें पहले के मुकाबले अभी भी बेहतर मानी जा रही हैं। हालांकि आगे दरों में बदलाव महंगाई, वैश्विक आर्थिक स्थिति और RBI के फैसलों पर निर्भर करेगा। फिलहाल के लिए बाजार में स्थिरता बनी रहने की उम्मीद है।
टॉप 10 बैंक का होम लोन पर इंटरेस्ट रेट
सरकारी बैंक (Public-sector banks)
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया — 7.25%
प्राइवेट बैंक (Private banks)
कोटक महिंद्रा बैंक — 7.70%