SGB Redemption: इस सरकारी स्कीम से निवेशक मालामाल! ₹1 लाख बन गए ₹3.57 लाख, जानें RBI का नया भाव
RBI Sovereign Gold Bond Return: आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल की होती है। हालांकि, इश्यू की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद निवेशकों को ब्याज भुगतान की तारीख पर इसे समय से पहले भुनाने की अनुमति दी जाती है
निवेशकों को 257 प्रतिशत से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न मिल रहा है
Sovereign Gold Bond Redemption: भारतीय रिजर्व बैंक ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2019-20 सीरीज-VIII के लिए प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन की कीमत का ऐलान कर दिया है। जिन निवेशकों ने साल 2020 में इस स्कीम में पैसा लगाया था, उन्हें 21 जुलाई 2026 से अपने बॉन्ड को समय से पहले भुनाने का मौका मिल रहा है।
आरबीआई द्वारा तय की गई नई रिडेम्प्शन प्राइस के मुताबिक, इस सीरीज के निवेशकों को केवल सोने की कीमतों में आई तेजी से ही 257 प्रतिशत से अधिक का भारी-भरकम रिटर्न मिल रहा है। आइए जानते हैं कि आरबीआई ने क्या भाव तय किया है, इस पर कितना फायदा हुआ है और इसे लेकर टैक्स के क्या नियम हैं।
RBI ने कितनी तय की है रिडेम्प्शन प्राइस?
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के अनुसार, प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन की कीमत इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा जारी 999 शुद्धता वाले सोने के पिछले तीन कारोबारी दिनों के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज के आधार पर तय की जाती है।
तय की गई रिडेम्प्शन प्राइस: आरबीआई ने इस सीरीज के लिए रिडेम्प्शन प्राइस ₹14,170 प्रति यूनिट (ग्राम) तय की है।
कब से भुना सकते हैं: निवेशक 21 जुलाई 2026 से इस प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन का लाभ उठा सकते हैं।
5 साल में ₹1 लाख बन गए ₹3.57 लाख!
SGB 2019-20 सीरीज-VIII को जनवरी 2020 में लॉन्च किया गया था। इस बॉन्ड ने अपने निवेशकों को मालामाल कर दिया है:
उदाहरण से समझें: अगर किसी निवेशक ने 2020 में ऑनलाइन माध्यम से इस सीरीज में ₹1 लाख का निवेश किया था, तो उसकी रकम आज बढ़कर लगभग ₹3.57 लाख हो चुकी है। खास बात यह है कि यह 257% का रिटर्न केवल सोने की कीमत बढ़ने से मिला है, इसमें सरकार द्वारा हर साल मिलने वाला 2.5% का वार्षिक ब्याज शामिल नहीं है।
प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन के क्या है नियम?
आरबीआई की गाइडलाइंस के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की कुल अवधि 8 साल की होती है। हालांकि, इश्यू की तारीख से 5 साल पूरे होने के बाद निवेशकों को ब्याज भुगतान की तारीख पर इसे समय से पहले भुनाने की अनुमति दी जाती है। 2019-20 सीरीज-VIII ने अपने 5 साल पूरे कर लिए हैं, इसलिए निवेशकों को यह विकल्प दिया गया है।
टैक्स के नियम भी जान लें
अगर आप इस सीरीज को समय से पहले भुनाने की सोच रहे हैं, तो टैक्स के बदले नियमों पर जरूर ध्यान दें:
कैपिटल गेंस टैक्स: संशोधित टैक्स नियमों के अनुसार, समय से पहले रिडेम्प्शन कराने वाले निवेशकों को होने वाले मुनाफे पर कैपिटल गेंस टैक्स देना होगा।
टैक्स-फ्री रिडेम्प्शन की शर्त: पूरे 8 साल की मैच्योरिटी तक बॉन्ड को होल्ड करने वाले ओरिजिनल सब्सक्राइबर्स को ही कैपिटल गेंस टैक्स से पूरी तरह छूट मिलती है।
सेकेंडरी मार्केट से खरीदार: अगर किसी निवेशक ने सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदा है, तो उन्हें मैच्योरिटी तक रुकने पर भी टैक्स-फ्री रिडेम्प्शन का फायदा नहीं मिलेगा।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न देने वाला बेहतरीन विकल्प है। अगर आपने इसमें पैसा लगाया है और आपको फिलहाल पैसों की जरूरत है तो आप इस शानदार रिटर्न पर रिडीम कर सकते हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।