Reserve Bank of India (RBI) ने 10 अगस्त को ऐसे तीन ऐलान किए, जो डिजिटल पेमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। डिजिटल पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय बैंक आबादी के बड़े हिस्से तक UPI के डिजिटल पेमेंट सिस्टम को पहुंचाना चाहता है। इसके लिए RBI लगातार कोशिश कर रहा है। RBI के गवर्नर शक्तिकांत दास ने 10 अगस्त को नए उपायों का ऐलान मॉनेटरी पॉलिसी पेश करने के साथ किया। उन्होंने UPI पर कनवर्सेशनल पेमेंट्स लॉन्च करने का प्रस्ताव पेश किया। इसके तहत यूजर AI-पावर्ड सिस्टम से बातचीत के जरिए ट्रांजेक्शन कर सकेगा। यह ट्रांजेक्शन पूरी तरह से सेफ और सेक्योर इनवायरमेंट में होगा।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का इस्तेमाल डिजिटल इकोनॉमी में लगातार बढ़ रहा है। इसके इस्तेमाल से UPI के इस्तेमाल को काफी बढ़ाने की गुंजाइश है। इससे इंडिया के डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में बड़ा बदलाव आ सकता है। यह फीचर स्मार्टफोन और फीचर फोन दोनों तरह के फोन पर उपलब्ध होगा। शुरुआत में यह सुविधा हिन्दी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी। बाद में इसे दूसरी भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा।
FIS की इंडिया हेड (Development, Banking and Payments) राजश्री रेंगन ने कहा, "RBI का UPI के कनवर्सेशनल पेमेंट और ऑफलाइन फंक्शनलिटी लॉन्च करने का ऐलान डिजिटल पेमेंट की दुनिया में बड़े बदलाव ला सकते हैं। इससे डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में क्रांति आ सकती है। इससे आबादी के बड़े हिस्से तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगी।"
BankBazaar.Com के सीईओ आदिल शेट्टी ने कहा, "एक आसान AI-बेस्ड इंटरफेस डिजिटल सेवाओं के इस्तेमाल से जुड़ी बाधाओं को दूर किया जा सकता है। खासकर सीनियर सिटीजंस और दिव्यांग इसका आसानी से इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्हें वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल करने में बहुत आसानी होगी।"
UPI Lite की लिमिट बढ़ाई गई
RBI का दूसरा ऐलान UPI-Lite की लिमिट से जुड़ा है। केंद्रीय बैंक ने यूपीआई-लाइट के पेमेंट की लिमिट 200 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दी है। UPI-Lite की शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी। इसके जरिए कम अमाउंट के पेमेंट आसानी से किए जा सकते हैं। अभी तक इसके जरिए 200 रुपये तक का ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। इसके लिए PIN जरूरी नहीं होता है। अब बगैर पिन के 500 रुपये तक के ट्रांजेक्शन किए जा सकते हैं। हालांकि, प्रति पेमेंट इंस्ट्रूमेंट की ओवरऑल पेमेंट लिमिट 2,000 रुपये बनाए रखी गई है। UPI-Lite की सुविधा BHIM APP, गूगल पे सहित सभी दूसरे पेमेंट ऐप पर उपलब्ध हैं।
RBI ने कहा है कि नियर फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑफलाइन पेमेंट की सुविधा लॉन्च की जाएगी। इससे यूपीआई-लाइट को और बढ़ावा मिलेगा। इससे इंटरनेट की उपलब्धता नहीं होने या टेलीकॉम कनेक्टिविटी नहीं होने की स्थिति में भी ट्रांजेक्शन किया जा सकता है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि इस बारे में NPCI को जल्द निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। NPCI यूपीआई और यूपीआई लाइट का प्रबंधन करता है।