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पत्नी के नाम पर घर खरीदना चाहिए या नहीं? फैसला लेने से पहले जान लें टैक्स का यह फॉर्मूला और जरूरी कानूनी बातें

Buying Property in Wife Name Benefits: क्या आप भी केवल टैक्स बचाने या स्टाम्प ड्यूटी में छूट पाने के लिए पत्नी को घर का को-ओनर बनाने की सोच रहे हैं? ऐसा कोई भी फैसला लेने से पहले इनकम टैक्स के नए-पुराने नियम, होम लोन रीपेमेंट की जिम्मेदारी और ITR में ओनरशिप शेयर रिपोर्ट करने का सही तरीका जरूर जान लें

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 12:33 PM
पत्नी के नाम पर घर खरीदना चाहिए या नहीं? फैसला लेने से पहले जान लें टैक्स का यह फॉर्मूला और जरूरी कानूनी बातें
जानें पत्नी के नाम पर या जॉइंट प्रॉपर्टी खरीदने से टैक्स, होम लोन पात्रता और कानूनी अधिकारों पर क्या असर पड़ता है

Buying Property in Wife Name Rules: नया घर खरीदते समय अक्सर यह सवाल उठता है कि प्रॉपर्टी सिर्फ पति के नाम पर ली जाए, पत्नी के नाम पर या फिर दोनों के नाम से जॉइंट खरीदी जाए। अक्सर लोग सिर्फ टैक्स बचाने या स्टाम्प ड्यूटी में छूट पाने के लिए पत्नी को को-ओनर बना लेते हैं। यह फैसला केवल इमोशनल या सिर्फ टैक्स प्लानिंग का नहीं होना चाहिए। प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स साइन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि पत्नी के नाम पर या जॉइंट प्रॉपर्टी खरीदने से टैक्स, होम लोन पात्रता और कानूनी अधिकारों पर क्या असर पड़ता है।

होम लोन की पात्रता बढ़ जाती है?

पति-पत्नी मिलकर अगर जॉइंट होम लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक दोनों की कमाई और मौजूदा देनदारियों को जोड़कर लोन एलिजिबिलिटी तय करता है। इसका फायदा ये होता है कि दोनों की सैलरी जुड़ने से बड़े अमाउंट का होम लोन आसानी से पास हो जाता है। वैसे बड़ा लोन मिलने का मतलब यह नहीं कि आप क्षमता से ज्यादा कर्ज ले लें। लोन जितना बड़ा होगा, ईएमआई का बोझ भी सालों-साल उतना ही भारी रहेगा।

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