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UP RERA IFMS Rules: नोएडा-लखनऊ में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, UP RERA ने बदले IFMS के नियम; जानें क्या होगा असर

UP RERA IFMS Rules: अगर आप भी नोएडा, ग्रेटर नोएडा या लखनऊ में नया फ्लैट बुक करने जा रहे हैं, तो मेंटेनेंस सिक्योरिटी को लेकर यूपी रेरा का नया फरमान जरूर जान लें। अब बिल्डर आपकी मेंटेनेंस सिक्योरिटी का पैसा मनमर्जी से खर्च नहीं कर पाएंगे। जानिए नए नियमों का आप पर क्या पड़ेगा सीधा असर

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Aug 19, 2026 पर 11:39 AM
UP RERA IFMS Rules: नोएडा-लखनऊ में घर खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, UP RERA ने बदले IFMS के नियम; जानें क्या होगा असर
नए नियमों से फंड सुरक्षित रहेगा, सही जगह इन्वेस्ट होगा, सही समय पर ट्रांसफर होगा और हर साल इसका ऑडिट कराना अनिवार्य होगा

UP RERA New IFMS Rules: उत्तर प्रदेश में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर है। उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने इंटेरेस्ट फ्री मेंटेनेंस सिक्योरिटी फंड्स के कलेक्शन, मैनेजमेंट, ट्रांसफर और सही इस्तेमाल को लेकर 12वां संशोधन करते हुए रेगुलेशन 47 के तहत नए सख्त नियम लागू कर दिए हैं।

अक्सर शिकायतें आती थीं कि बिल्डर होमबॉयर्स से मेंटेनेंस सिक्योरिटी के नाम पर मोटी रकम वसूल लेते थे, लेकिन उसका इस्तेमाल कहां हो रहा है, इसका कोई पारदर्शी हिसाब नहीं मिलता था। यूपी रेरा के इस कदम से न केवल खरीदारों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा, बल्कि प्रोजेक्ट हैंडओवर के समय रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन(RWA) को पैसे ट्रांसफर करने में होने वाली धोखाधड़ी पर भी लगाम लगेगी।

क्यों पड़ी नए नियमों की जरूरत?

यूपी रेरा के चेयरमैन संजय आर. भूसरेड्डी के अनुसार, इन नियमों का मुख्य मकसद पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन लाना है। होमबॉयर्स यह रकम कॉमन एरिया और सुविधाओं के लंबे समय तक रखरखाव के लिए जमा करते हैं। नए नियमों से फंड सुरक्षित रहेगा, सही जगह इन्वेस्ट होगा, सही समय पर ट्रांसफर होगा और हर साल इसका ऑडिट कराना अनिवार्य होगा।

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