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अयोध्या के राममंदिर से बढ़ेंगी 25000 नौकरियां, छोटे शहरों में बढ़ेगे ज्यादा मौके

देश में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के जोर पकड़ने से अगले चार-पांच सालों में करीब दो लाख रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार ने बजट में भी धार्मिक टूरिज्म को बढाने की बात कही है और राज्यों को भी इस पर काम करने के लिए कहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 22, 2024 पर 8:11 PM
अयोध्या के राममंदिर से बढ़ेंगी 25000 नौकरियां, छोटे शहरों में बढ़ेगे ज्यादा मौके
अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से आतिथ्य और ट्रैवल सर्विस से जुड़ी करीब 25,000 नौकरियां बढ़ने की उम्मीद है।

देश में धार्मिक पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के जोर पकड़ने से अगले चार-पांच सालों में करीब दो लाख रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार ने बजट में भी धार्मिक टूरिज्म को बढाने की बात कही है और राज्यों को भी इस पर काम करने के लिए कहा है। ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड डिजीटल टैलेंट सॉल्यूशंस के प्रमुख के मुताबिक भारत में धार्मिक पर्यटन के साल 2023 से 2030 के बीच सालाना 16 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है।

ग्लोबल टेक्नोलॉजी एंड डिजीटल टैलेंट सॉल्यूशंस के प्रमुख सचिन अलुग ने कहा कि घरेलू पर्यटन में धार्मिक पर्यटन की हिस्सेदारी इस समय 60 प्रतिशत है लेकिन आने वाले समय में यह अनुपात बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हाल ही में अयोध्या में भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद धार्मिक पर्यटन को और भी बढ़ावा मिल सकता है।

अलुग ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से आतिथ्य और ट्रैवल सर्विस से जुड़ी करीब 25,000 नौकरियां बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अगले चार-पांच सालों में धार्मिक पर्यटन से दो लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। वर्ष 2028 तक 60 अरब डॉलर के अनुमानित रेवेन्यू के साथ धार्मिक पर्यटन अस्थायी और स्थायी दोनों तरह के कामगारों के लिए रोजगार के रास्ते खोलेगा।

उन्होंने उद्योग रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि कोविड महामारी के बाद तीर्थयात्रा के लिए होने वाली ओवरनाइट जर्नी बढ़ जाएंगी। साल 2021-2022 में दान राशि में भी 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि हम देशभर में खासकर धार्मिक पर्यटकों की सेवा के लिए नए उद्यमों में छह से आठ प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद करते हैं।

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