Retail Inflation: खुदरा महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82% हो गई। जुलाई में यह 4.45% थी। खाने-पीने की चीजों के महंगे होने से लोगों के घर का बजट प्रभावित हुआ है। महंगाई अब RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर है।

Retail Inflation: खुदरा महंगाई अगस्त में बढ़कर 4.82% हो गई। जुलाई में यह 4.45% थी। खाने-पीने की चीजों के महंगे होने से लोगों के घर का बजट प्रभावित हुआ है। महंगाई अब RBI के 4% के लक्ष्य से भी ऊपर है।
लगातार तीसरे महीने RBI के लक्ष्य से ऊपर
CPI यानी खुदरा महंगाई लगातार तीसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर रही। मई में यह 3.93% थी। जून में 4.38% और जुलाई में 4.45% हो गई। अगस्त का 4.82% आंकड़ा 2024 बेस ईयर वाली नई CPI सीरीज में आठ महीने का सबसे ऊंचा स्तर है।
RBI के लिए क्यों अहम है ये आंकड़ा?
अगस्त का महंगाई आंकड़ा RBI की अगली पॉलिसी बैठक से पहले आया आखिरी रिटेल इन्फ्लेशन डेटा है। Monetary Policy Committee यानी MPC की बैठक 5 से 7 अक्टूबर तक होगी। सितंबर की महंगाई का आंकड़ा 12 अक्टूबर को आएगा।
अगस्त की बैठक में MPC ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। पॉलिसी रुख भी न्यूट्रल रखा गया था। अब आगे के फैसले में महंगाई और आर्थिक ग्रोथ दोनों पर नजर रहेगी।
खाने-पीने की चीजों ने बढ़ाई चिंता
अगस्त में खाने-पीने की चीजें जुलाई के मुकाबले और महंगी हुईं। Consumer Food Price Index यानी CFPI आधारित फूड इन्फ्लेशन 5.95% रहा। जुलाई में यह 5.52% था। गांवों में फूड इन्फ्लेशन 6.13% और शहरों में 5.64% रहा।
गांवों में महंगाई ज्यादा रही
ग्रामीण इलाकों में भी महंगाई बढ़ी है। अगस्त में ग्रामीण CPI महंगाई 5.23% रही। जुलाई में यह 4.84% थी। शहरी महंगाई भी 3.96% से बढ़कर 4.31% हो गई।
प्याज, लहसुन और अदरक ने बढ़ाई मुश्किल
खाने-पीने की चीजों में भी महंगाई का असर अलग-अलग रहा। प्याज की कीमतों में एक साल में 48.27% की बढ़ोतरी हुई। जुलाई में यह 22.54% थी। लहसुन की महंगाई 43.60% रही। अदरक की महंगाई तो 73.82% तक पहुंच गई।
हालांकि कुछ सब्जियों ने राहत दी। टमाटर की कीमतें सालाना आधार पर 31.09% कम रहीं। आलू भी 13.14% सस्ता रहा।
सर्विसेज भी हुईं महंगी
महंगाई का दबाव सिर्फ खाने की चीजों तक सीमित नहीं रहा। अगस्त में रेस्टोरेंट और एकोमोडेशन सर्विसेज की महंगाई 8.38% रही। ट्रांसपोर्ट से जुड़ी महंगाई 4.60% रही। पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और दूसरी वस्तुओं एवं सेवाओं की कैटेगरी में महंगाई 15.17% रही।
सोने-चांदी की कीमतों का भी असर
कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों ने भी कुछ कैटेगरी में महंगाई बढ़ाई। चांदी की ज्वेलरी की महंगाई 107.11% रही। वहीं सोना, हीरा और प्लेटिनम ज्वेलरी की कीमतें एक साल पहले के मुकाबले 35.53% ज्यादा रहीं।
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