डिजिटल इंडिया के इस समय में पर्सनल लोन लेना बेहद आसान हो गया है। मोबाइल ऐप्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग मिनटों में लोन की मंजूरी पा लेते हैं। लेकिन इसी सुविधा का फायदा उठाकर ठग गिरोह सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां लोगों को फर्जी लोन ऐप्स और धोखेबाज एजेंट्स ने भारी नुकसान पहुंचाया।
इन ठगों का तरीका बेहद चालाकी भरा होता है। वे सोशल मीडिया, ईमेल या मैसेज के जरिए आकर्षक विज्ञापन भेजते हैं, जिनमें “तुरंत लोन” और “बिना झंझट पैसे” जैसी बातें लिखी होती हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इनसे जुड़ता है, उससे आधार, पैन और बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं। इसके बाद या तो बहुत कम रकम दी जाती है और उस पर 40-60% तक ब्याज वसूला जाता है, या फिर लोन मंजूर ही नहीं होता और व्यक्तिगत डेटा का गलत इस्तेमाल किया जाता है।
- आकर्षक विज्ञापन और "तुरंत लोन" का वादा करके लोगों को लुभाते हैं।
- एक बार जब ग्राहक ऐप डाउनलोड कर लेता है, तो उससे आधार, पैन और बैंक डिटेल्स मांगी जाती हैं।
- इसके बाद या तो लोन की रकम बहुत कम दी जाती है और ब्याज दरें आसमान छूती हैं, या फिर लोन मंजूर ही नहीं होता और व्यक्तिगत डेटा का गलत इस्तेमाल किया जाता है।
कई पीड़ितों ने बताया कि समय पर भुगतान न करने पर उन्हें धमकी भरे मैसेज भेजे गए। कुछ मामलों में तो ठग गिरोह ने लोगों की निजी तस्वीरें और कॉन्टैक्ट्स का इस्तेमाल करके सोशल मीडिया पर बदनाम करने की कोशिश भी की। यह न सिर्फ आर्थिक नुकसान है बल्कि मानसिक तनाव भी पैदा करता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस पर गंभीर चिंता जताई है और चेतावनी दी है कि केवल पंजीकृत NBFC और बैंकों से ही लोन लेना सुरक्षित है। सरकार भी लगातार ऐसे फर्जी ऐप्स पर कार्रवाई कर रही है और कई को बैन किया जा चुका है।
- केवल RBI या NBFC द्वारा मान्यता प्राप्त ऐप्स और बैंकों से ही लोन लें।
- किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग देखें।
- लोन की शर्तें, ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस को ध्यान से पढ़ें।
- अपनी निजी जानकारी जैसे आधार, पैन और बैंक डिटेल्स किसी अनजान प्लेटफॉर्म पर साझा न करें।
- अगर कोई संदिग्ध ऑफर मिले तो तुरंत शिकायत करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुरक्षित रहने के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां ज़रूरी हैं। किसी भी ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसके रिव्यू और रेटिंग देखें। लोन की शर्तें, ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस को ध्यान से पढ़ें। अपनी निजी जानकारी किसी अनजान प्लेटफॉर्म पर साझा न करें। और अगर कोई संदिग्ध ऑफर मिले तो तुरंत शिकायत करें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें।
पर्सनल लोन की सुविधा जितनी आसान है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है अगर सतर्कता न बरती जाए। आसान पैसे के लालच में फंसने से बचें और हमेशा भरोसेमंद संस्थानों से ही लोन लें। थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा सकती है।