देश और विदेश में सोने और चांदी में 22 जून को तेजी लौट आई। इससे विदेशी बाजारों में तीन दिनों से सोने में जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। इधर, भारत में गोल्ड और फ्यूचर्स में तेजी आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी।
देश और विदेश में सोने और चांदी में 22 जून को तेजी लौट आई। इससे विदेशी बाजारों में तीन दिनों से सोने में जारी गिरावट पर ब्रेक लग गया। इधर, भारत में गोल्ड और फ्यूचर्स में तेजी आई। दिल्ली सर्राफा बाजार में भी दोनों कीमती मेटल्स की चमक बढ़ी।
चांदी में 4800 रुपये का उछाल
दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 1,700 रुपये चढ़कर 1.52 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी 4,800 रुपये के उछाल के साथ 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। 19 जून यानी शुक्रवार को चांदी में 8,040 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट आई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी चढ़कर 4,028 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। 19 जून को सोना गिरकर 11 जून के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गया था।
गोल्ड फ्यूचर्स-सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी
इधर, इंडिया में गोल्ड फ्यूचर्स और सिल्वर फ्यूचर्स में भी तेजी दिखा। शाम के कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में गोल्ड फ्यूचर्स 1.21 फीसदी यानी 1,777 रुपये चढ़कर 1,48,980 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। सिल्वर फ्यूचर्स 2 फीसदी के उछाल के साथ 2,37,877 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रहा था।
क्रूड में गिरावट का सेंटीमेंट पर असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच डील की बातचीत पॉजिटिव रहने पर क्रूड में गिरावट आई। उधर, फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख का असर इनवेस्टर्स पर पड़ा है। इंडिपेंडेंट एनालिस्ट रॉस नोरमैन ने कहा कि हॉट मनी ऑयल से निकलकर गोल्ड में आ रहा है। इसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।
फेड के रुख से सोने में तेजी पर लगेगी लगाम
हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इस तेजी को गोल्ड के रुख में बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। इसकी वजह यह है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपना रुख आक्रामक बनाए रखने का संकेत दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि फेड की कमेंट्री से लगता है कि शॉर्ट टर्म में इंटरेस्ट रेट बढ़ सकता है। यह गोल्ड की कीमतों के लिए अच्छा नहीं होगा।
गोल्ड ईटीएफ में फिर से बढ़ रही दिलचस्पी
इस बीच, मॉर्गन स्टेनली के एनालिस्ट्स ने 19 जून को एक रिपोर्ट में पेश की। इसमें कहा गया है कि इस साल की दूसरी तिमाही में गोल्ड के 5,200 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच जाने का अनुमान है। इसकी बड़ी वजह यह है कि फिर से गोल्ड ईटीएफ में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है।
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मध्यपूर्व में शांति का पॉजिटिव असर
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट सौमिल गांधी ने कहा कि जियोपॉलिटिकल टेंशन में कमी का असर सेंटिमेंट पर पड़ा है। अमेरिका-ईरान के बीच डील को लेकर बातचीत जारी रहने की खबरें हैं। इससे मध्यपूर्व में शांति बहाल होगी। इससे फिर से सोने और चांदी में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद से बुलियन में गिरावट देखने को मिली थी।
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