देश में पैसों का सबसे बड़ा ट्रांजैक्शन होता है RTGS से, ना की UPI से! RBI रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

UPI Or RTGS: देश में ट्रांजैक्शन की संख्या में UPI सबसे आगे है, लेकिन ट्रांसफर की कुल रकम के मामले में RTGS का दबदबा है जो कुल वैल्यू का लगभग 69% हिस्सा संभालता है। UPI छोटे और रोजमर्रा के पेमेंट्स के लिए इस्तेमाल होता है, जबकि RTGS से मोटी रकम रियल टाइम में ट्रांसफर होती है।

अपडेटेड Oct 28, 2025 पर 2:38 PM
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देश में डिजिटल पेमेंट्स की चर्चा हर जगह हो रही है और अधिकतर लोग मानते हैं कि UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) ही सबसे बड़ा पैसा घुमाने वाला माध्यम है। हर दुकानदार से लेकर ऑनलाइन शॉपिंग तक, हर जगह ज्यादातर लोग UPI का ही इस्तेमाल करते हैं। लेकिन RBI की ताजा रिपोर्ट बताती है कि असली में मोटी रकम RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) से घूम रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रांजैक्शन की संख्या में भले UPI का दबदबा है, लेकिन रकम के लिहाज से RTGS सबसे आगे है।

RTGS करता है सबसे बड़ी रकम की अदला-बदली

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू का 69% हिस्सा अकेले RTGS के खाते में जाता है। यानी जो भी बड़ी-बड़ी रकम देश में इधर-उधर हो रही है उसमें सबसे बड़ा रोल RTGS का है। दूसरी तरफ, UPI के नाम पर ट्रांजैक्शन की संख्या यानी वॉल्यूम जरूर 85% है, लेकिन रकम के लिहाज से इसका हिस्सा केवल 9% तक सीमित है। इससे साफ है कि आम जनता रोजाना छोटे-छोटे पेमेंट्स के लिए UPI का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रही है, लेकिन भारी भरकम रकम RTGS के जरिए ही ट्रांसफर होती है।


RTGS कैसे करता है काम?

RTGS एक रियल-टाइम डिजिटल बैंकिंग सिस्टम है, जो या तो 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा की रकम ट्रांसफर करने के लिए ही काम में लाया जाता है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पैसा तुरंत और फाइनल रूप से दूसरे खाते में पहुंच जाता है मतलब RTGS से भेजी गई रकम वापस नहीं होती। इसमें कोई समय या दिन की पाबंदी नहीं, क्योंकि RTGS सर्विस 24x7x365 उपलब्ध है। आप कभी भी नेट बैंकिंग के जरिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

RTGS ट्रांजैक्शन पर कितना चार्ज?

- पैसा रिसीव करने पर किसी भी तरह का चार्ज नहीं लगता।

- पैसे भेजने पर ₹2 लाख से ₹5 लाख तक की ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹25 (टैक्स अलग) और ₹5 लाख से ऊपर की ट्रांजैक्शन पर अधिकतम ₹50 (टैक्स अलग) चार्ज लग सकता है।

- बैंक चाहें तो इससे कम भी चार्ज कर सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा नहीं।

UPI ने लाई छोटे पेमेंट्स में क्रांति

UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी, और इसका संचालन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा किया जाता है। यह भी एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है और आम लोगों के बीच पुराने पेमेंट के तरीकों की जगह पूरी तरह से ले चुका है। मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से पेमेंट करना, दुकानदार को क्यूआर कोड स्कैन करके रकम भेजना, सब इसी के जरिए संभव हुआ है।

क्यों है RTGS की जरूरत?

जहां UPI छोटे रकम के लिए शानदार विकल्प है, वहीं RTGS का इस्तेमाल बड़े ट्रांजैक्शन के लिए ही किया जाता है जैसे बिजनेस डील, प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त या फिर भारी फीस ट्रांसफर। इसकी रीयल-टाइम और फाइनल सेटलमेंट की सुविधा इसे सबसे सुरक्षित बना देती है। इसलिए, UPI ने पेमेंट्स की दुनिया बदल दी है, तो RTGS मोटी रकम की ट्रांसफर की सबसे मजबूत डोर बन चुका है।

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