डॉलर के मुकाबले रुपया 30 अप्रैल को गिरकर 95.35 पर आ गया। यह रुपये का अब तक का सबसे निचला स्तर है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रुपये में कमजोरी की कई वजहें हैं। इनमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल, विदेशी फंडों की लगातार बिकवाली और डॉलर में मजबूत का हाथ है। अमरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद डॉलर में मजबूती दिखी है।
