Gold Price Outlook: गोल्ड अगले 8 महीनों में 1.63 लाख रुपये के पार होगा, जानिए गोल्डमैन सैक्स ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है

Gold Price Outlook: गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि दुनिया के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद से गोल्ड में तेजी आएगी। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने शॉर्ट टर्म में गोल्ड में नरमी का अनुमान जताया है

अपडेटेड Apr 30, 2026 पर 6:31 PM
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30 अप्रैल को देश और विदेश में गोल्ड में तेजी दिखी।

Gold Price Outlook: इस साल के अंत तक गोल्ड का प्राइस 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम (5,400 डॉलर प्रति औंस) तक पहुंच जाएगा। गोल्डमैन सैक्स ने यह अनुमान जताया है। अमेरिकी बैंक ने कहा है कि दुनिया के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी और अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद से गोल्ड में तेजी आएगी। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स ने शॉर्ट टर्म में गोल्ड में नरमी का अनुमान जताया है।

दुनिया में गोल्ड रिजर्व में हो सकता है इजाफा

गोल्डमैन सैक्स ने कहा है कि शॉर्ट टर्म में जियोपॉलिटिकल टेंशन, शेयर और बॉन्ड्स बाजार में गिरावट का असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ सकता है। दुनिया के 23 केंद्रीय बैंकों के बीच हुए एक सर्वे के नतीजों के मुताबिक, 70 फीसदी केंद्रीय बैंक मानते हैं अगले 12 महीनों में दुनिया में गोल्ड के रिजर्व में इजाफा हो सकता है। सिर्फ 25 फीसदी का मानना था कि गोल्ड रिजर्व में कोई बदलाव नहीं होगा।


अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटने से गोल्ड को मिलेगा सपोर्ट

अमेरिकी बैंक का मानना है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व इंटरेस्ट रेट में 0.50 फीसदी की कमी कर सकता है। इससे गोल्ड की कीमतों को सपोर्ट मिलेगा। इंटरेस्ट रेट में कमी के माहौल में गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है। इसका असर इसकी कीमतों पर दिखता है। हालांकि, 29 अप्रैल को फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट में किसी तरह का बदलाव नहीं किया।

30 अप्रैल को देश और विदेश में गोल्ड में तेजी

30 अप्रैल को देश और विदेश में गोल्ड में तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 1.69 फीसदी यानी 2,516 रुपये चढ़कर 1,51,566 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था। विदेश में गोल्ड 1.80 फीसदी चढ़कर 4,627 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। सिल्वर में तो 3.22 फीसदी का उछाल दिखा।

शॉर्ट टर्म में गोल्ड पर रह सकता है दबाव

गोल्ड की कीमतों पर जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर दिखा है। हालांकि, सुरक्षित निवेश के लिए गोल्ड में दिलचस्पी बनी हुई है। लेमन मार्केट्स डेस्क में रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग ने कहा कि गोल्ड में खरीदारी का असर उसकी कीमतों पर दिखा है। हालांकि, फिलहाल गोल्ड पर दबाव दिख सकता है।

गोल्ड की इनवेस्टमेंट डिमांड ज्वेलरी डिमांड से ज्यादा

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने 29 अप्रैल को कहा कि मार्च तिमाही में इंडिया में गोल्ड ज्वेलरी की खरीदारी के मुकाबले गोल्ड में निवेश में लोगों की दिलचस्पी ज्यादा रही। ऐसा पहली बार हुआ। डब्ल्यूजीसी के इंडिया ऑपरेशंस के सीईओ सचिन जैन ने कहा, "पहली बार इनवेस्टमेंट डिमांड ज्वेलरी डिमांड से ज्यादा रही।"

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मार्च तिमाही में देश में गोल्ड की खपत 10 फीसदी बढ़ी

मार्च तिमाही में गोल्ड की इनवेस्टमेंट डिमांड एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 52 फीसदी ज्यादा रही। हालांकि, ज्वेलरी डिमांड 19.5 फीसदी घटकर 66 टन पर आ गई। मार्च तिमाही में भारत में गोल्ड की कुल खपत 10.2 फीसदी बढ़कर 151 टन रही। मार्च तिमाही में गोल्ड ईटीएफ में निवेश एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 186 फीसदी ज्यादा रहा। 2025 की शुरुआत से अभी तक गोल्ड की कीमत दोगुनी हो गई है।

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