देश के सबसे बड़े लेंडर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India -SBI) ने अपने ग्राहकों KYC अपडेट के लिए एक और सुविधा मुहैया करा दी है। कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए स्थानीय लॉकडाउन के चलते ग्राहकों को ब्रांच में पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में बैंक ने KYC के लिए पोस्ट या ईमेल के जरिए डॉक्यूमेंट्स को स्वीकार करने का फैसला किया है।
SBI ने लोकल ऑफिस के हेड को सलाह दी है कि कोरोना वायरस के चलते लोगों को SBI के शाखा दिक्कत होती है। ऐसे में उन्हें KYC के लिए मेल पोस्ट के जरिए डॉक्यूमेंट्स को स्वीकार करने की सलाह दी गई है।
Important announcement for our customers in view of the lockdowns in place in various states. #KYCUpdation #KYC #StayStrongIndia #SBIAapkeSaath #StaySafe #StayStrong pic.twitter.com/oOGxPcZjeF
— State Bank of India (@TheOfficialSBI) May 1, 2021
दरअसल, हायर रिस्क कस्टमर्स को कम से कम 2 साल में एक बार अपना KYC अपडेट करना होता है। वहीं मीडियम रिस्क कस्टमर्स को हर 8 साल में एक बार अपना KYC अपडेट करना होता है जबकि लो रिस्क कस्टमर्स को 10 साल में एक बार KYC अपडेट करना होता है।
आगे कहा गया है कि कस्टमर इस बात का ध्यान रखें कि KYC अपडेशन के लिए ड्यू कस्टमर इंफोर्मेशन फाइल (CIFs) की पार्शियल फ्रीजिंग 31 मई 2021 तक नहीं की गई है।
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