SBI ने आज से कुछ नियम बदल दिए हैं। बैंक ने लोन और सेविंग्स के इंटरेस्ट रेट को सीधे रेपो रेट से जोड़ दिया है। अगर आपका भी SBI में अकाउंट है तो इन बातों का खास खयाल रखिए। इन बदलावों से कहीं आपको फायदा है तो कहीं नुकसान भी है। अगर आप इन नियमों को समझ लेंगे तो आपका फायदा बढ़ जाएगा और नुकसान घट जाएगा।
पहला बदलाव
फरवरी 2019 और अप्रैल 2019 में RBI ने रेपो रेट में कटौती की थी। फिलहाल पॉलिसी रेट 6 फीसदी है। 1 मई से SBI सेविंग्स अकाउंट पर रेपो रेट से 275 बेसिस अंक यानी 2.75 फीसदी कम ब्याज देगी। अगर आप SBI के सेविंग्स अकाउंट में 1 लाख रुपए से ज्यादा रकम रखते हैं तो अब उस पर ब्याज 3.25 फीसदी मिलेगा। 1 मई से पहले बैंक 1 करोड़ रुपए तक की सेविंग्स पर 3.50 फीसदी और इससे ऊपर 4 फीसदी ब्याज दे रहा था।
दूसरा बदलाव
अगर आप SBI के सेविंग्स अकाउंट में 1 लाख रुपए से कम रखते हैं तो उस पर पहले की तरह सालाना 3.50 फीसदी ब्याज मिलता रहेगा। SBI में सेविंग्स अकाउंट रखने वाले 95 फीसदी लोग इस कैटेगरी में आ जाएंगे।
तीसरा बदलाव
1 मई से SBI 1 लाख रुपए तक के ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट अकाउंट्स जैसे शॉर्ट टर्म लोन को रेपो रेट से लिंक कर देगी। बैंक की इस कोशिश का मकसद रेपो रेट में कटौती का फायदा अपने कस्टमर्स तक पहुंचाना है।
चौथा बदलाव
1 लाख रुपए से ज्यादा वाले ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट जैसे खातों को भी रेपो रेट से लिंक कर दिया जाएगा। इस पर 2.25 फीसदी से लेकर 8.25 फीसदी तक ब्याज लगेगा।
पांचवां बदलाव
SBI इन लोन पर 8.25 फीसदी से ऊपर रिस्क प्रीमियम लेगा। यह लोन लेने वाले के रिस्क प्रोफाइल के हिसाब से तय होगा। SBI अभी भी ऐसे ही काम कर रही है।
