बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र की सत्ता गंवाने के बाद अब शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लगा है। ठाणे के 66 नगर सेवक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे खेमे में शामिल हो गए हैं। बता दें कि शिवसेना में बगावत कर सीएम बने एकनाथ शिंदे पार्टी के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे के हाथ से ठाणे नगर निगम भी अब फिसल गई है। यहां शिवसेना के 67 में से 66 पार्षद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। शिवसेना के लिए इसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
सभी 66 शिवसेना पार्षदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके आवास पर मुलाकात की थी। जिसके बाद वह आधिकारी तौर पर उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ शिंदे गुट में शामिल हो गए। आपको बता दें कि BMC के बाद ठाणे नगर निगम महाराष्ट्र की दूसरी सबसे अहम और बड़ी निगम है।
सूत्रों ने बताया कि शिवसेना के ठाणे में कुल 67 पार्षद हैं, जिसमे से 66 पार्षदों ने एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम लिया है। दो सप्ताह तक चले सियासी ड्रामे के बीच महाराष्ट्र में नवनियुक्त मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उन्होंने अपने मंत्रियों एवं अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 4 जुलाई को राज्य विधानसभा में शक्ति परीक्षण में जीत हासिल कर ली थी। वोटिंग के दौरान 288 सदस्यीय सदन में 164 विधायकों ने विश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 99 विधायकों ने इसके खिलाफ मतदान किया।
हाल में शिवसेना के एक विधायक के निधन के बाद विधानसभा में विधायकों की मौजूदा संख्या घटकर 287 हो गई है, इसलिए बहुमत के लिए 144 मतों की आवश्यकता थी। शिंदे ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के एक दिन बाद 30 जून को मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। भारतीय जनता पार्टी के नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
शक्ति परीक्षण से पहले ठाकरे के खेमे से शिवसेना के एक और विधायक संतोष बांगर शिंदे के धड़े में चले गए। बांगर हिंगोली जिले के कलमनुरी से विधायक हैं। इसके साथ ही शिंदे के धड़े में अब पार्टी के विधायकों की संख्या 40 हो गई है।