Personal Loan EMI: पर्सनल लोन सस्ते ब्याज पर चाहिए? अप्लाई करने से पहले इन 5 बातों का जरूर रखें ध्यान

Personal Loan EMI: क्या सिर्फ CIBIL स्कोर अच्छा होने से सस्ता पर्सनल लोन मिल जाता है? जवाब है नहीं। कई छोटी-छोटी बातें आपकी ब्याज दर तय करती हैं। आवेदन से पहले इन 5 बातों को जान लेंगे, तो हजारों रुपये का ब्याज बचा सकते हैं।

अपडेटेड Jul 16, 2026 पर 6:21 PM
अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने की संभावना ज्यादा होती है।

Personal Loan EMI: पर्सनल लोन लेना आज पहले से काफी आसान हो गया है। कई बैंक और NBFC कुछ ही मिनटों में लोन मंजूर करने का दावा करते हैं। लेकिन जल्दी में लिया गया पर्सनल लोन आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।

पर्सनल लोन पर ब्याज दरें होम लोन या कार लोन से ज्यादा होती हैं। ऐसे में अगर थोड़ी-सी सावधानी बरती जाए, तो हजारों रुपये बचाए जा सकते हैं। आइए जानते हैं पर्सनल लोन लेने से पहले किन 5 बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1. सबसे पहले अपना CIBIL स्कोर सुधारें


अगर आपका CIBIL स्कोर 750 या उससे ज्यादा है, तो बैंक आपको कम ब्याज पर लोन देने की संभावना ज्यादा होती है। वहीं, कम स्कोर होने पर ब्याज दर बढ़ सकती है या लोन भी रिजेक्ट हो सकता है।

मान लीजिए दो लोगों ने 5 साल के लिए ₹5 लाख का पर्सनल लोन लिया। एक को 11% और दूसरे को 15% ब्याज मिला। यानी सिर्फ 4% ज्यादा ब्याज की वजह से आपको करीब ₹62,000 अतिरिक्त ब्याज देना पड़ सकता है।

ब्याज दर अनुमानित EMI कुल ब्याज
11% करीब ₹10,870 करीब ₹1.52 लाख
15% करीब ₹11,895 करीब ₹2.14 लाख

2. पहले कई बैंकों का ऑफर तुलना करें

जिस बैंक का पहला ऑफर मिले, उसी पर हामी मत भरिए। कम से कम 3-4 बैंक और NBFC की ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस और बाकी शर्तों की तुलना करें।

कई बार आपका सैलरी बैंक भी सबसे सस्ता लोन नहीं देता। ऑनलाइन तुलना करने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं, लेकिन इससे अच्छी बचत हो सकती है।

3. जितनी जरूरत हो, उतना ही लोन लें

बैंक अगर ₹10 लाख का लोन देने को तैयार है, तो जरूरी नहीं कि आप पूरा पैसा लें।

अगर आपकी जरूरत ₹6 लाख की है, तो उतना ही लोन लें। ज्यादा रकम का मतलब ज्यादा EMI और ज्यादा ब्याज। इससे आप पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा। फायदे से ज्यादा नुकसान हो सकता है।

4. सिर्फ ब्याज नहीं, बाकी चार्ज भी देखें

कई लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर फैसला कर लेते हैं। लेकिन प्रोसेसिंग फीस, फोरक्लोजर चार्ज, लेट पेमेंट पेनाल्टी और दूसरी फीस भी आपकी जेब पर असर डालती हैं।

लोन लेने से पहले पूछ लें कि कुल कितना खर्च आएगा। तभी आपको लोन की असली कीमत पता चलेगी।

5. EMI अपनी कमाई के हिसाब से रखें

ऐसी EMI चुनें जिसे आप हर महीने आराम से भर सकें। कोशिश करें कि सभी EMI मिलाकर आपकी मंथली इनकम के 35% से 40% से ज्यादा न हों।

अगर EMI बहुत ज्यादा होगी, तो भविष्य में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है। इससे आपका CIBIL स्कोर भी खराब हो सकता है।

पर्सनल लोन के लिए सबसे जरूरी बात

पर्सनल लोन बिना गारंटी मिलता है। इसलिए इसकी ब्याज दर भी ज्यादा होती है। अगर आप अच्छा CIBIL स्कोर बनाए रखें, अलग-अलग बैंकों के ऑफर की तुलना करें और जरूरत के हिसाब से ही लोन लें, तो कम ब्याज दर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। लोन लेने में जल्दबाजी नहीं, सही तुलना करना ज्यादा फायदेमंद साबित होता है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

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