EPFO Pension: 15 लाख से ज्यादा हुए हायर पेंशन के क्लेम, जानें पेंशन और PF से पैसे निकालने के नए नियम

EPFO Higher Pension Claims Update: केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि ज्यादा वेतन के आधार पर अधिक पेंशन पाने के लिए अब तक 15.24 लाख से अधिक क्लेम प्राप्त हो चुके हैं। 5 अगस्त 2026 तक इनमें से केवल 11,595 दावे ही पेंडिंग बचे हैं। आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का दायरा लगातार बढ़ रहा है

अपडेटेड Aug 11, 2026 पर 2:04 PM
31 मार्च 2026 तक EPS के तहत 85.85 लाख पेंशनभोगी रजिस्टर्ड हैं

EPFO Higher Pension Claims Data 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों के लिए हायर पेंशन को लेकर बड़ा अपडेट आया है। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि ज्यादा वेतन के आधार पर अधिक पेंशन पाने के लिए अब तक 15.24 लाख से अधिक क्लेम प्राप्त हो चुके हैं। 5 अगस्त 2026 तक इनमें से केवल 11,595 दावे ही पेंडिंग बचे हैं।

लोकसभा में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने एक लिखित जवाब में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के ऐतिहासिक फैसले के बाद से हायर पेंशन की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है।

1.49 लाख से अधिक पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी


सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, EPFO को मिले 15.24 लाख आवेदनों के आधार पर रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए अब तक 1,49,806 पेंशन पेमेंट ऑर्डर (PPO) जारी किए जा चुके हैं।

हायर पेंशन विकल्प के तहत पात्र सदस्यों को पेंशन योग्य वेतन सीमा के बजाय उनके वास्तविक बेसिक वेतन के आधार पर पेंशन में योगदान करने की अनुमति मिलती है। इससे सेवानिवृत्ति के बाद ज्यादा पेंशन मिलने का रास्ता साफ होता है, हालांकि सर्विस पीरियड के दौरान पेंशन मद में अधिक अंशदान देना पड़ता है।

EPS के तहत कितने पेंशनभोगी? कितना हुआ फंड वितरण?

सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) का दायरा लगातार बढ़ रहा है:

कुल पेंशनभोगी: 31 मार्च 2026 तक EPS के तहत 85.85 लाख पेंशनभोगी रजिस्टर्ड हैं।

दिसंबर/डिस्बर्स राशि: इस अवधि तक योजना के तहत कुल ₹15,819.28 करोड़ पेंशन के रूप में बांटे जा चुके हैं।

नया फ्रेमवर्क: सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि EPS 1995 की जगह अब EPS 2026 लागू हो चुका है।

न्यूनतम पेंशन और सरकारी योगदान का गणित

सरकार बजट सहायता के जरिए EPS के पात्र पेंशनभोगियों को हर महीने कम से कम ₹1,000 की मिनिमम पेंशन की गारंटी देती है। साथ ही सरकार पेंशन फंड में लागू वेज सीलिंग का 1.16% योगदान देती है। इसके अलावा नियोक्ता की ओर से वेतन का 8.33% हिस्सा पेंशन फंड में जाता है। इस फंड का हर साल मूल्यांकन किया जाता है।

EPF निकासी में क्या-क्या बदले नियम?

EPFO ने समय से पहले खाते से पैसे निकालने के नियमों में बदलाव किए हैं ताकि सदस्यों का पेंशन फंड लंबे समय तक सुरक्षित रह सके:

वेटिंग पीरियड: समय से पहले अंतिम EPF सेटलमेंट के लिए 12 महीने का वेटिंग पीरियड और EPS से विड्रॉअल बेनिफिट्स निकालने के लिए 36 महीने का वेटिंग पीरियड तय किया गया है।

आंशिक निकासी हुई आसान: आंशिक निकासी की प्रक्रियाओं को आसान बनाते हुए इन्हें 3 श्रेणियों में बांटा गया है-

  • अनिवार्य आवश्यकताएं
  • आवास आवश्यकताएं
  • विशेष परिस्थितियां

75% तक एडवांस निकासी: इन प्रावधानों के तहत सदस्य अपने EPF बैलेंस का 75% तक निकाल सकते हैं। इसमें बेरोजगारी, बीमारी/मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई और घर बनाने जैसी जरूरतें शामिल हैं।

बिना कारण बताए निकासी: विशेष परिस्थितियों में मेंबर्स बिना कोई कारण बताए साल में 2 बार अपने कुल फंड का 75% तक एडवांस निकाल सकते हैं।

EPFO मेंबर्स के लिए इस अपडेट का क्या मतलब है?

अगर आपने हायर पेंशन का विकल्प चुना है, तो यह ध्यान रखें कि नौकरी के दौरान आपकी टेक-होम सैलरी का कुछ अतिरिक्त हिस्सा पेंशन फंड में जाएगा, जिससे रिटायरमेंट के बाद आपको ज्यादा और निश्चित मंथली पेंशन मिलेगी।

सामान्य सब्सक्राइबर्स के लिए नए विड्रॉअल नियमों का मतलब है कि रिटायरमेंट से पहले आपात स्थिति में फंड निकालना आसान और पारदर्शी हो गया है, लेकिन पूरा सेटलमेंट करने के लिए तय वेटिंग पीरियड का पालन करना होगा।

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