Silver Price Today: कल 5000 रुपये सस्ते होने के बाद शुक्रवार को एक बार चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। घरेलू बाजार में चांदी की चमक बढ़ गई है। खबर लिखे जाने तक मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव700 रुपए तक चढ़ी और कीमत ₹2,34,151 प्रति किलोग्राम (silver price today) पर पहुंच गई।
इंटरनेशनल मार्केट में क्या हैं दाम?
इंटरनेशनल मार्केट यानी Comex पर सोने और चांदी दोनों की चमक लौट आई है। Comex पर आंकड़ों की मानें तो खबर लिखे जाने तक सोना 0.46% तक चढ़ा (Gold Price on Comex) और कीमत 4317.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं चांदी (Silver Price on Comex) के दाम 0.54% तक चढ़े और ऐसे में कीमत 64.345 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।
दिल्ली-मुंबई समेत प्रमुख शहरों में आज चांदी का रेट
देश के प्रमुख शहरों में गुडरिटर्न्स के मुताबिक चांदी की कीमतें करीब 2,49,900-2,54,900 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बनी हुई हैं। कुछ शहरों में स्थानीय बाजार और टैक्स के कारण मामूली अंतर देखने को मिल सकता है।
पिछले दिन क्या रहा चांदी का भाव
दिल्ला के सर्राफा बाजार में गुरुवार को चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। पिछले दो सत्रों में स्थिर रहने के बाद, चांदी 5,000 रुपये टूटकर 2.37 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर चांदी 1.4 फीसदी टूटकर 63.56 डॉलर प्रति औंस रह गई।
चांदी को किससे मिल रहा सपोर्ट
दो दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार को एशियाई ट्रेडिंग के दौरान चांदी की कीमत (XAG/USD) थोड़ी बढ़कर $63.90 प्रति ट्रॉय औंस के आसपास पहुंच गई। कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बाद महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। एनर्जी मार्केट में गिरावट देखी गई क्योंकि ऐसी खबरें हैं कि अमेरिका और ईरान एक चरणबद्ध समझौते पर विचार कर रहे हैं। इस समझौते में कतर के अधिकारी मध्यस्थता कर रहे हैं और बातचीत UN जनरल असेंबली के दौरान हो रही है। अगर यह समझौता होता है, तो ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी हट सकती है और रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल सकता है।
बाजार जानकारों का कहना है कि सोने में लगातार बिकवाली के कारण इसकी कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। व्यापारियों ने इस कमजोरी के लिए कमजोर वैश्विक संकेतों और ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली को जिम्मेदार ठहराया। चांदी पर अधिक असर पड़ा क्योंकि इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव अधिक होता है और औद्योगिक मांग से जुड़े होने के कारण इस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया, जिससे यह दिन के अंत में अपने पिछले बंद भाव से काफी नीचे रही।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.96 के स्तर तक गिरने से घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों को कुछ सहारा मिला, जिससे गिरावट की सीमा सीमित रही।
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