चांदी में आ सकती बड़ी तेजी, 90 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है भाव

12 जून को देश और विदेश दोनों में चांदी में तेजी दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 0.63 फीसदी चढ़कर 67 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 2.9 फीसदी चढ़कर 2,46,604 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ

अपडेटेड Jun 13, 2026 पर 1:49 PM
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यह लगातार पांचवां हफ्ता है, जब सिल्वर में गिरावट देखने को मिली है।

सोने और चांदी के लिए 2026 काफी उतार-चढ़ाव वाला साल रह सकता है। साल की शुरुआत में चांदी में जबर्दस्त उछाल दिखा। इससे कीमत रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। फिर, तेज गिरावट देखने को मिली। जनवरी के आखिर में चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई थी। तब से इसका भाव 43 फीसदी क्रैश कर गया है। सवाल है कि आगे चांदी चढ़ेगी या गिरेगी?

12 जून को देश और विदेश में चांदी में तेजी

12 जून को देश और विदेश दोनों में चांदी में तेजी दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भाव 0.63 फीसदी चढ़कर 67 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। इधर, भारत में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स 2.9 फीसदी चढ़कर 2,46,604 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ। इस तेजी के बावजूद यह लगातार पांचवां हफ्ता है, जब सिल्वर में गिरावट देखने को मिली है।


90 डॉलर तक जा सकता है भाव

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे सिल्वर की कीमतों में तेजी दिख सकती है। रायटर्स के पोल में एनालिस्ट्स ने सिल्वर के लिए 79.50 डॉलर प्रति औंस का एवरेज टारगेट दिया है। कॉमर्जबैंक ने तो चांदी के 90 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है। जेपी मॉर्गन का कहना है कि इस साल के आखिर तक चांदी 85 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। बैंक ऑफ अमेरिका ने करीब 86 डॉलर का टारगेट दिया है।

चांदी में स्ट्रॉन्ग इंडस्ट्रियल डिमांड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने और चांदी को जो एक बात अलग करती है, वह है सिल्वर का इंडस्ट्रियल इस्तेमाल। जहां सोने की डिमांड सिर्फ सुरक्षित निवेश की वजह से है वही चांदी का की डिमांड में इनवेस्टमेंट के साथ ही उसके इंडस्ट्रियल इस्तेमाल का बड़ा हाथ है। दुनियाभर में इसका इस्तेमाल बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। डिमांड के मुकाबले इसकी सप्लाई कम बढ़ी है। इस वजह से इसकी कीमतों में अप्रत्याशित उछाल दिखा है।

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इस साल भी सप्लाई डिमांड से कम

दुनियाभर में इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल्स और मेडिकल इक्विपमेंट में सिल्वर का इस्तेमाल हो रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, 2026 में चांदी की सप्लाई डिमांड के मुकाबले करीब 6.7 करोड़ औंस कम रह सकती है। यह लगातार छठा साल होगा, जब चांदी की सप्लाई उसके डिमांड के मुकाबले कम रहेगी। हालांकि, सिल्वर की कीमतों में सोने से ज्यादा उतार-चढ़ाव दिखता है। इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड इसकी कीमतों को गिरने से रोकती है।

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